
* पांच हेक्टेयर से कम रकबा वाले 374 बालूघाट ग्रामसभा के माध्यम से होंगे संचालित
* किसी भी एक व्यक्ति को नहीं दिया जायेगा 1000 हेक्टेयर से अधिक रकबा का बालूघाट
उदित वाणी, रांची : 15 अक्टूबर के बाद से बालू घाटों से खनन पर ग्रीन ट्रिब्यूनल का प्रतिबंध खत्म हो जायेगा. मुख्यसचिव श्रीमती अलका तिवारी ने सभी उपायुक्तों को राज्य के तमाम व्यावसायिक बालू घाटों की नीलामी की प्रक्रिया 15 सितंबर तक पूरी कर लेने का निर्देश दिया. मुख्यसचिव बुधवार को बालू घाटों की नीलामी को लेकर राज्य के उपायुक्तों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बात कर रही थीं.
उन्होंने कहा कि 15 सितंबर तक बालू घाटों की नीलामी पूरी होने से खनन ससमय शुरू हो पायेगा और राज्य में बालू की किल्लत नहीं होगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बालू का दर निर्धारण सरकार नहीं करेगी. लेकिन बालू का वैध कारोबार हो इसकी पूरी व्यवस्था प्रशासन द्वारा किया जायेगा. उपायुक्तों को यह अधिकार होगा कि नियम का अनुपालन नहीं करने वाले का ठेका रद्द कर सकें.
बालू घाटों को दो कैटेगरी में बांटकर पहली कैटेगरी में पांच हेक्टेयर से कम रकबा वाले बालू घाट होंगे. इनका संचालन ग्राम सभा के माध्यम से होगा. राज्य में ऐसे 374 बालू घाट हैं. वहीं दूसरी कैटेगरी में 5 हेक्टेयर से अधिक रकबा वाले बालू घाटों की नीलामी होगी. इसके लिए छोटे-बड़े बालू घाटों को मिलाकर कुल 60 समूह बनाये गये हैं. किसी भी एक व्यक्ति को एक हजार हेक्टेयर से अधिक रकबा का बालू घाट नहीं दिया जाएगा और दो से अधिक समूह का ठेका भी नहीं दिया जाएगा.
इसके पहले बालू घाटों की नीलामी की पूरी प्रक्रिया को पीपीटी के माध्यम से उपायुक्तों से साझा किया गया तथा कहा गया कि उपायुक्त नीलामी के पहले बालू घाटों की नई पालिसी को पूरी तरह समझ लें, ताकि नीलामी प्रक्रिया पारदर्शी हो और उस दौरान कोई तकनीकी समस्या नहीं आए. इसके लिए उन्होंने खनन पदाधिकारी समेत उपायुक्तों को भी बेसिक जानकारी के लिए प्रशिक्षित होने पर बल दिया. मुख्यसचिव ने कहा कि नई बालू नीति से सरकार की मंशा जहां उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर बालू सर्वसुलभ कराना है. वहीं बालू के अवैध कारोबार पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने और अन्य राज्यों से बालू के आवक को हतोत्साहित करना है.
खान सचिव अरवा राजकमल व खान निदेशक राहुल सिन्हा ने कहा कि बालू घाटों की नीलामी में खान विभाग के साथ उपायुक्तों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होगी. इसलिए सभी उपायुक्त इसे गंभीरता से लें और पूरी स्पष्टता तथा तैयारी के साथ नीलामी प्रक्रिया संपन्न करायें. इसके लिए उन्होंने उपायुक्तों को नीलामी प्रक्रिया का मॉक ड्रिल करने की भी सलाह दी और पूरी प्रक्रिया से नीलामी लेने वालों को भी अवगत कराने को कहा. जरूरी होने पर हेल्पलाइन नम्बर भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
वहीं खनन से जुड़े पर्यावरण के मामले में सिया के सदस्य राजीव लोचन बख्शी ने विस्तार से प्रकाश डाला. जैप आइटी के प्रतिनिधियों ने नीलामी की तकनीकी प्रक्रिया को विस्तार से बताया.
