
उदित वाणी, रांची : झारखंड पुलिस ने सोशल मीडिया पर वर्दी और हथियारों के साथ रील बनाने पर सख्ती बरतने के लिए निर्देश जारी किया है. गृह मंत्रालय के एसओपी के अनुसार अब इस तरह की गतिविधियां काफी महंगी पड़ सकती है. राज्य के डीजीपी कार्यालय ने सभी पुलिसकर्मियों को स्पष्ट रूप से निर्देष दिया कि वर्दी, हथियार या किसी भी सरकारी संसाधन का उपयोग कर मनोरंजन या आत्मप्रचार के लिए रील्स नहीं बनायें. यदि कोई कर्मचारी इसका उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी. मामले में निलंबन या पदावनति जैसी गंभीर कार्रवाई भी सकती है.
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि निजी सोशल मीडिया अकाउंट पर भी वर्दी में फनी वीडियो, डांस या आत्मप्रचार वाली पोस्ट करना प्रतिबंधित है. केवल आधिकारिक चैनलों से मंजूरी प्राप्त सामग्री ही साझा की जा सकती है. ज्ञात हो कि अन्य राज्यों में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है. हिमाचल प्रदेश में वर्दी में नॉन-ऑफिशियल कंटेंट और धार्मिक पोस्ट पर रोक लगाई गई है. दिल्ली में रील्स बनाने पर सख्त पाबंदी लगाई है और पश्चिम बंगाल में भी वायरल रील्स बनाने पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है.
सशस्त्र पुलिस, आईआरबी व अन्य इकाइयों से मुंशी बनी महिला आरक्षियों की तैनाती रद्द
इधर झारखंड सशस्त्र पुलिस के अपर पुलिस महानिदेशक के कार्यालय द्वारा पत्र जारी कर राज्य के विभिन्न जिलों के चिन्हित थानों में मुंशी के काम के लिए सशस्त्र पुलिस, आईआरबी और अन्य इकाइयों से प्रतिनियुक्त की गई महिला आरक्षियों की तैनाती को रद्द कर दिया गया है. पुलिस मुख्यालय में इस संबंध में व्यापक विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है.

