
उदित वाणी, रांची : हेमंत सरकार द्वारा राज्य के मनरेगा कर्मियों के मानदेय को 30 प्रतिशत तक बढ़ाया जायेगा. ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को झारखंड राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद की बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई है. यद्यपि परिषद के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होते हैं.
परंतु मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर ग्रामीण विकास मंत्री ने बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में मंत्री हफीजुल अंसारी एवं संबंधित अधिकारी भी मौजूद थे. बैठक में मनरेगा कर्मियों के हितों व योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा ग्रामीण रोजगार सशक्तिकरण पर व्यापक चर्चा की गई. इस दौरान मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मनरेगा कर्मियों का मानदेय 30 प्रतिशत तक बढ़ाया जाय. ताकि कर्मियों की आर्थिक सुरक्षा और कार्य क्षमता को सुदृढ़ किया जा सके.
उन्होंने मनरेगा कर्मियों के लिए ग्रुप इंश्योरेंस, एक्सीडेंट इंश्योरेंस के साथ-साथ जीवन बीमा उपलब्ध कराने के लिए एक अलग प्रस्ताव तैयार करने का भी निर्देश दिया तथा कर्मियों के ग्रेड पे को लेकर भी विभाग को प्रस्ताव शीघ्र लाने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि ग्रामीण जनता को रोजगार का जो अधिकार दिया गया है. उसकी मजबूती और निरंतरता सुनिश्चित करना सरकार की मुख्य प्राथमिकता है.
इस बैठक में राज्यभर में मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई और आनेवाले समय में इसके और सशक्त क्रियान्वयन पर रणनीति तय की गई. मंत्री ने बताया कि दीदी बाड़ी योजना के मजबूत होने से ग्रामीण महिलाओं को नई शक्ति मिली है और मनरेगा ने राज्य में रिकार्ड मानव दिवस निर्माण कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है. वहीं इस दौरान केंद्र सरकार द्वारा बिना तैयारियों के लागू की गई तकनीकी प्रणाली के कारण मटेरियल पेमेंट में हो रही देरी पर भी विस्तृत चर्चा की गई.

