
उदित वाणी, रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा पेपरलीक मामले में परीक्षा परिणाम जारी करने पर रोक को बरकरार रखा तथा मामले में अदालत ने अबतक की गई जांच पर नाराजगी जतायी. अदालत ने कहा कि जांच का स्तर संतोषजनक नहीं है और परिणाम पर अभी रोक को हटाना उचित नहीं है. इसके साथ ही अदालत ने सरकार को मामले की सही तरीके से जांच कर 15 अक्टूबर तक प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया.
यद्यपि अदालत द्वारा परीक्षा परिमाण जारी करने पर लगी रोक को हटाने के लिए राज्य सरकार की ओर से दिये गये आवेदन पर अगली तिथि को सुनवाई करने की बात कही गई. मामले में अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को ही निर्धारित की गई है. सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार और अपराजिता भारद्वाज ने अबतक की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस संबंध में संतोष मस्ताना ने पेपर लीक होने की बात डीएसपी को बताई थी.
लेकिन उससे मिली जानकारी के बाद आगे की जांच नहीं की गई. जबकि फारेंसिक जांच में भी सबूत के तौर पर दिये गये मोबाइल में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं होने की बात कही गई है. इस पर अदालत ने सवाल उठाया कि अबतक उससे गंभीरता से पूछताछ क्यों नहीं की गई. यदि वह व्यक्ति कह रहा है कि उसे उम्मीदवारों से फोन आया था, तो यह पूछना जरूरी था कि किस उम्मीदवार ने फोन किया और उसका नाम क्या है.
लेकिन जांच में इस तरह की गहराई नहीं दिखाई गई है. अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच उसी ढंग से होनी चाहिए जैसी अपेक्षित है. वहीं सरकार और जेएसएससी की ओर से अदालत को बताया गया कि अब तक मिले तथ्यों से पेपर लीक की पुष्टि नहीं होती है.

