
उदित वाणी, रांची : झारखंड हाईकोर्ट में झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन [जेएससीए] की सत्र 2025-28 चुनाव को चुनौती देनेवाली याचिका पर गुरूवार को सुनवाई हुई. मामले में अदालत ने निर्वाचित जेएससीए प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर 6 सप्ताह के अंदर जबाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. जबकि मामले में जेएससीए चुनाव में उपाध्यक्ष पद के दावेदार रहे प्रार्थी नन्दू पटेल ने चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की है.
उन्होंने अदालत से पूरी जेएससीए चुनाव प्रक्रिया को रद्द करते हुए नियमानुसार निर्विवाद वोटर लिस्ट तैयार करने व नये सिरे चुनाव कराने का आग्रह किया है. पार्थी ने याचिका में कहा है कि 18 मई को हुए जेएससीए चुनाव में 107 वोट ऐसे डाले गए थे. जो एसोसिएशन के बायलॉज व न्याय के नैसर्गिक सिद्धांतों का उल्लंधन है. उन्होंने बताया कि बायलॉज के अनुसार लगातार पांच बार्षिक आमसभा में अनुपस्थित रहनेवाले सदस्यों, राज्य के बाहर निवास करनेवाले सदस्यों तथा लगभग ढाई दर्जन सदस्यों द्वारा एक से अधिक वोट डाला गया है. जो नियमों का उल्लंघन है.
बायलॉज का उल्लंघन कर जेएससीए का चुनाव कराया गया, जो उचित नहीं है. पार्थी ने यह भी कहा है कि बायलॉज का निबंधन भी रजिस्ट्रार के यहां अब तक नहीं हुआ है और उसी के आधार पर चुनाव कराया गया है. बायलॉज में कुछ और दिख रहा है और चुनाव किसी और बायलॉज के तहत कराया गया है. इधरं सुनवाई के दौरान प्रतिवादियों ने याचिका को नॉन मेंटेनेबल बताते हुए खारिज करने का आग्रह किया है. सभी पक्षकारों की दलील सुनने के बाद अदालत ने निर्वाचित 7 प्रतिवादियों को 6 सप्ताह के अंदर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया. मामले में अगली सुनवाई 6 सप्ताह बाद 11 सितंबर की तिथि तय की गई है.
