
उदित वाणी, रांची : झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में बोकारो में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट [डीएमएफटी] में करोड़ों रुपये के घोटाले और फंड के दुरुपयोग के मामले में दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की गई. इस मामले में राजकुमार ने हस्तक्षेप याचिका दाखिल की है.
याचिकाकर्ताओं ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का आग्रह किया है. प्रार्थी की ओर से खंडपीठ को बताया गया कि बर्ष 2016 से अब तक डीएमएफटी फंड के नाम पर बड़ी राशि लगभग 11 अरब रुपये की गड़बड़ी की गई है. बगैर टेंडर के मनमाने तरीके से ठेके दिए गए और 80 प्रतिशत तक राशि बिना काम के ही हड़प ली गई. इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण उपकरण और अन्य सामग्रियों की खरीद में भी भारी वित्तीय अनियमितता हुई है.
उन्होंने आरोप लगाया कि ओपन मार्केट में 93 हजार रुपये कीमत वाले डिवाइस को 11 लाख रुपये में खरीदा गया है और कोटेशन के आधार पर मनमानी तरीके से काम आवंटित किए गए. खंडपीठ ने इस मामले में सरकार को जबाब दाखिल करने और प्रार्थी को अपना लिखित पक्ष दाखिल करने का निर्देश दिया. इस मामले की सुनवाई अब 28 नवंबर को होगी.

