
उदित वाणी, रांची : झारखंड में नए डीजीपी की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरम हो गया है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखे प्रहार किए हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के लिए *नियम, कानून, संविधान और न्यायालय की कोई अहमियत नहीं रह गई है.
श्री मरांडी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि मुख्यमंत्री को उनके निर्णय के लिए बधाई दी जानी चाहिए, क्योंकि उन्होंने यह साबित कर दिया है कि उनके लिए न तो कानून का डर है, न संविधान का सम्मान.
उन्होंने आगे कहा कि “इतिहास में जंगलराज चलाने वालों में अपना नाम सबसे ऊपर दर्ज कराने के लिए मुख्यमंत्री चाहें तो सुप्रियो भट्टाचार्य को भी डीजीपी बना सकते हैं.” मरांडी ने तंज किया कि मुख्यमंत्री के हालिया निर्णय से यह स्पष्ट हो गया है कि वे ऐसा करने में भी संकोच नहीं करेंगे.
मरांडी ने कहा कि मुख्यमंत्री भले ही संविधान और न्यायपालिका की परवाह न करें, लेकिन *भगवान से अवश्य डरें*, क्योंकि “ईश्वर के घर देर है, अंधेर नहीं.” उन्होंने कहा कि भगवान सब देख रहे हैं – जब उनकी लाठी चलती है, तो आवाज़ नहीं होती, लेकिन चोट गहरी होती है.
वर्षांत के दिन बाबूलाल मरांडी ने इस प्रकरण को लेकर सरकार पर सांकेतिक हमला बोलते हुए कहा कि “नए साल में नए संघर्ष की शुरुआत होगी.”

