उदित वाणी, रांची: झारखंड विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो गया. सत्र के पहले दिन राज्यपाल संतोष गंगवार ने अपने अभिभाषण में राज्य सरकार की विभिन्न उपलब्धियों का उल्लेख किया. उन्होंने बजट सत्र के उद्घाटन से पहले गार्ड ऑफ ऑनर प्राप्त किया. विपक्ष के विरोध के बावजूद राज्यपाल का अभिभाषण सदन में हुआ, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना और अबुआ आवास योजना की तारीफ की और इसे एक महत्वपूर्ण पहल बताया. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार पर कड़ी नज़र रखे हुए है.

बीजेपी विधायकों का विरोध, बावजूद राज्यपाल का अभिभाषण जारी
राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान बीजेपी विधायकों ने बीच-बीच में टोका-टोक की. जब राज्यपाल सरकार की योजनाओं जैसे अबुआ आवास योजना और मंईयां सम्मान योजना की तारीफ कर रहे थे, तो बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने आपत्ति जताई और कहा कि आपसे गलत पढ़ाया जा रहा है, आपसे असत्य पढ़ाया जा रहा है. हालांकि, विधायकों की आपत्ति के बावजूद राज्यपाल अपना संबोधन जारी रखते हुए सरकार के कार्यों और योजनाओं का समर्थन करते रहे.
महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए मंईयां सम्मान योजना
राज्यपाल संतोष गंगवार ने अपने अभिभाषण में बताया कि राज्य सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है. इसके तहत फूलो झानो आशीर्वाद योजना और मंईयां सम्मान योजना की शुरुआत की गई है. इसके साथ ही अबुआ आवास योजना के तहत 31 मीटर क्षेत्रफल में तीन कमरों वाले मकान बनाने के लिए 2 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है. उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने किसानों के लिए 2 लाख रुपये तक के कृषि ऋण को माफ कर दिया है.
रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम
राज्यपाल ने रोजगार की दिशा में किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं को रोजगार देने के लिए 63 रोजगार मेले और 81 भर्ती कैंप का आयोजन किया गया है. इसके अलावा, खादी ग्राम योजना के तहत भी रोजगार के अवसर पैदा किए जा रहे हैं. सरकारी क्षेत्र में लोगों को रोजगार दिलाने के प्रयास भी निरंतर जारी हैं.
बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में किए गए प्रयास
राज्यपाल ने झारखंड में बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में बात करते हुए रांची के कांटाटोली फ्लाइओवर का जिक्र किया. उन्होंने रांची को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी. राज्य में 1430 डीप बोरिंग्स की योजना बनाई गई है, ताकि राजधानी में लोगों को बेहतर पेयजल उपलब्ध कराया जा सके. इसके अलावा, जयपाल सिंह मुंडा स्कॉलरशिप योजना भी एसटी/एससी छात्रों के लिए शुरू की गई है.
जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नए कदम
राज्यपाल ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए दुमका और बोकारो में 3 आवासीय विद्यालय बनाए जाने का फैसला लिया गया है. इसके साथ ही मातृभाषा आधारित शैक्षिक सामग्री विकसित की जा रही है. अनाथ और दिव्यांग छात्रों के लिए वाल्मीकि छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई है. इसके अलावा, 2100 से अधिक विद्यालयों में किचन गार्डन की स्थापना की गई है, और आईसीटी कार्यक्रम के तहत डिजिटल स्मार्ट क्लास की व्यवस्था की गई है.
उदित वाणी टेलीग्राम पर भी उपलब्ध है। यहां क्लिक करके आप सब्सक्राइब कर सकते हैं।