
* रांची स्थित प्रदेश कार्यालय में पूरी होगी चुनावी प्रक्रिया
* केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव करेंगे निगरानी
* नामांकन की संख्या तय करेगी मतदान या निर्विरोध घोषणा
उदित वाणी, रांची : झारखंड भाजपा संगठन में नेतृत्व परिवर्तन की तस्वीर अब लगभग पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद के 21 सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया 13 जनवरी को रांची स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में पूरी की जाएगी.
इस महत्वपूर्ण संगठनात्मक कवायद की निगरानी नवनियुक्त राज्य निर्वाचन अधिकारी और केंद्रीय कैबिनेट मंत्री जुएल उरांव करेंगे, जिन्हें पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने यह जिम्मेदारी सौंपी है.
सोमवार को केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव के रांची पहुंचते ही चुनावी प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी. इस दौरान नामांकन दाखिल करने, उनकी जांच-पड़ताल और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी. पार्टी संगठन ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और भाजपा के संविधान के अनुरूप ही संपन्न कराई जाएगी.
नामांकन तय करेगा चुनाव का रास्ता
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए यदि एक से अधिक नामांकन दाखिल होते हैं, तो 14 जनवरी को औपचारिक रूप से मतदान कराया जाएगा. वहीं, यदि सिर्फ एक ही नामांकन सामने आता है, तो उसी दिन उस उम्मीदवार को निर्विरोध प्रदेश भाजपा अध्यक्ष घोषित कर दिया जाएगा.
इसी तरह राष्ट्रीय परिषद के 21 पदों के लिए राज्य परिषद के कुल 108 सदस्य नामांकन दाखिल करने के पात्र होंगे. इस बार संगठन के भीतर आपसी सहमति से अधिकतम पदों पर निर्विरोध चुनाव कराने पर खास जोर दिया जा रहा है, ताकि पार्टी के भीतर एकजुटता और मजबूती का स्पष्ट संदेश दिया जा सके.
सभी पदों के लिए नामांकन 13 जनवरी को प्रदेश भाजपा कार्यालय में जमा किए जाएंगे. नामांकन पत्रों की जांच उसी दिन होगी और नाम वापस लेने का भी समय 13 जनवरी को ही निर्धारित किया गया है. इस तरह से 13 जनवरी की शाम तक यह स्पष्ट हो जाएगा कि किन-किन नेताओं को विजय श्री का माला वरण करने का सौभाग्य प्राप्त होगा. यदि किसी पद पर चुनाव कराने की स्थिति पैदा हुई, तो उसे 14 जनवरी को पूरा कराया जाएगा और उसी दिन मतगणना के बाद विजेता का नाम घोषित कर दिया जाएगा. वैसे, मिल रहे संकेत बताते हैं कि सभी पदों पर निर्विरोध चुनाव कराने की पार्टी की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है और राज्य से जुड़े तमाम बड़े नेताओं से विचार-विमर्श कर ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया गया है.

