
उदित वाणी, रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नवी मुंबई के वाशी में 2577 वर्ग मीटर में 7 मंजिला झारखंड भवन बनाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है. 137 करोड़ रुपए की लागत से बननेवाले इस भवन को बनाने में देरी के करण अब इसकी लागत 159 करोड़ रुपए होने की संभावना है. जानकारी के मुताबिक इस भवन को तीन साल में मार्च 2028 तक बनाने का लक्ष्य रखा गया है. बर्ष 2016 में तत्कालीन रघुवर दास की सरकार द्वारा मुंबई में झारखंड वासियों की सुविधा के लिए मुंबई में आवासीय सुविधा के साथ अत्याधुनिक झारखंड भवन बनाने का सैध्दांतिक फैसला लिया गया था.
जबकि बर्ष 2018 में महाराष्ट्र सरकार द्वारा नवी मुंबई के वाशी में झारखंड सरकार को 2577 वर्ग मीटर जमीन उपलब्ध कराया गया था और दिसंबर 2024 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस भवन की आधारशिला रखी थी. लेकिन विभिन्न कारणों से भवन निर्माण का काम शुरू नहीं हो पाया था. गौरतलब है कि मुंबई में झारखंड भवन बनवाने को लेकर लगभग डेढ़ दशक से झारखंडी एकता संघ द्वारा लगातार संघर्ष किया जा रहा है. झारखंड भवन को लेकर संघ के सदस्यों ने मुंबई से झारखंड की राजधानी रांची तक कई बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व अन्य मंत्रियों तथा विधायकों से मुलाकात कर इसकी मांग की गई थी.
मुंबई स्थित झारखंडी एकता संघ के राष्ट्रिय अध्यक्ष असलम अंसारी ने बताया कि वे लोग हर साल झारखंड दिवस को महापर्व की तरह मनाते हैं. इस अवसर पर महाराष्ट्र व झारखंड के मंत्री-विधायकों को भी आमंत्रित जाता है और झारखंड के प्रवासी मजदूरों तथा मुंबई में इलाज करने के लिए आनेवाले झारखंडियों की समस्याओं से अवगत कराया जाता है. संघ के अध्यक्ष असलम अंसारी ने कहा कि लेकिन विडंबना है कि मुंबई में झारखंड को छोड़ कर हर राज्य के भवन हैं और वहां से उन राज्यों के नागरिकों को लाभ मिलता है. लेकिन अब झारखंड सरकार द्वारा इसके लिए फिर से प्रशासनिक स्वीकृति का प्रस्ताव तैयार किया गया है और भवन निर्माण विभाग के नए प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने अपनी मंजूरी दे दी है.
