
जमशेदपुरः निर्वाचन आयोग ने झारखंड में विधानसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा कर दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने आज पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि झारखंड की सभी 81 सीटों पर दो चरणों में मतदान होंगे। वहीं वोट की गिनती 23 नवंबर को होगी। इस घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है।
झारखंड में पहले चरण का मतदान 13 नवंबर को होगा, जबकि दूसरे चरण में 20 नवंबर को मतदान होगा।
झारखंड से जुड़े आंकड़े
झारखंड में 24 जिले और 81 विधानसभा सीट है।
चुनाव के लिए झारखंड में 29,562 पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
चुनाव आयोग के मुताबिक यहां 2.6 करोड़ वोटर्स हैं।
इनमें 11.86 करोड़ फर्स्ट टाइम वोटर हैं।
इसी तरह 66.84 करोड़ युवा वोटर्स हैं।
महिला वोटर्स की संख्या 1.29 करोड़ है।
पुरुष वोटर्स 1.31 करोड़ है।
झारखंड विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी 2025 को समाप्त हो रहा है। इसी प्रकार, महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर 2024 को खत्म होगा। ऐसे में दोनों राज्यों में चुनाव एक साथ कराए जाने की संभावना बढ़ गई है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों भारत निर्वाचन आयोग की एक उच्चस्तरीय टीम, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त शामिल थे, ने हाल ही में झारखंड का दौरा किया था। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों से चुनाव संबंधी फीडबैक भी लिया। राजनीतिक दलों ने त्योहारों के बाद यानी 15 नवंबर के बाद चुनाव कराने का अनुरोध किया था। अब दुर्गा पूजा तो खत्म हो चुका है, ऐसे में आज चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है। हालांकि अभी दीपावली और छठ पूजा बाकी है। ऐसे में राजनीतिक दलों की परेशानी बढ़ सकती है, क्योंकि आचार संहिता लग जाने के बाद वे इन त्योहारों में कुछ कर नहीं सकेंगे।
झारखंड में पिछली विधानसभा चुनाव वर्ष 2019 में हुआ था। उस दौरान पांच चरणों में चुनाव कराया गया था। 2029 में झारखंड में झामुमो-कांग्रेस और राजद की गठबंधन सरकार बनी थी।
आचार संहिता से जुड़े नियम
कोई भी दल ऐसा काम न करे, जिससे जातियों और धार्मिक या भाषाई समुदायों के बीच मतभेद बढ़े।
राजनीतिक दलों की आलोचना कार्यक्रम व नीतियों तक सीमित हो, व्यक्तिगत नहीं।
धार्मिक स्थानों का उपयोग चुनाव प्रचार के मंच के रूप में नहीं होगा।
मत पाने के लिए रिश्वत देना, मतदाताओं को परेशान करने से बचें। किसी की अनुमति के बिना उसकी दीवार, अहाते या भूमि का उपयोग न करें।
किसी दल की सभा या जुलूस में बाधा न डालें।
राजनीतिक दल ऐसी कोई भी अपील जारी नहीं करेंगे, जिससे किसी की धार्मिक या जातीय भावनाएं आहत होती हों।
जुलूस का समय, शुरू होने का स्थान, मार्ग और समाप्ति का समय तय कर सूचना पुलिस को दें।
जुलूस का इंतजाम ऐसा हो, जिससे यातायात प्रभावित न हो।
राजनीतिक दलों का एक ही दिन, एक ही रास्ते से जुलूस निकालने का प्रस्ताव हो तो समय को लेकर पहले बात कर लें।
जुलूस सड़क के दायीं ओर से निकाला जाए।
जुलूस में किसी हथियार आदि का इस्तेमाल पर रोक रहेगी।
मतदाताओं को दी जाने वाली पर्ची सादे कागज पर हो और उसमें प्रतीक चिह्न, अभ्यर्थी या दल का नाम न हो।
मतदान के दिन और इसके 24 घंटे पहले किसी को शराब वितरित न की जाए।
मतदान केंद्र के पास लगाए जाने वाले कैम्पों में भीड़ न लगाएं। कैंप साधारण होने चाहिए।
