
उदित वाणी, जमशेदपुर: आज के दौर में आप सोच सकते हैं कि ऐसा भी कोई हॉस्पिटल होगा, जिसमें कोई बिल काउंटर नहीं होगा और जिसका मोटो होगा-सिर्फ दिल, बिना बिल. ऐसा हॉस्पिटल अब जमशेदपुर में हकीकत बनने जा रहा है.
कांतिलाल गांधी मेमोरियल अस्पताल (केजीएचएम) जमशेदपुर ने श्री सत्य साईं स्वास्थ्य और शिक्षा ट्रस्ट (एसएसएसएचईटी) बेंगलुरु के साथ बिष्टुपुर में श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल की स्थापना के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया.
श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल सभी को सभी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से मुफ्त प्रदान करेगा. यह अस्पताल न केवल झारखंड के लोगों को बल्कि आसपास के राज्यों के लोगों की भी सेवा करेगा. समझौता ज्ञापन पर 10 जून को कांतिलाल गांधी मेमोरियल अस्पताल के अध्यक्ष चाणक्य चौधरी और श्री सत्य साई स्वास्थ्य और शिक्षा ट्रस्ट के अध्यक्ष सी. श्रीनिवास ने हस्ताक्षर किए. इस अवसर पर उपस्थित लोगों में केजीएमएच और एसएसएसएचईटी की प्रबंधन समिति के सदस्य और टीडब्ल्यूयू के प्रतिनिधि शामिल थे.
हॉस्पिटल में कोई बिल काउंटर नहीं होगा
श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल समाज के कमजोर और गरीब वर्ग को गुणवत्ता मूलक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करेगा. श्री सत्य साई स्वास्थ्य और शिक्षा ट्रस्ट (SSSHET) 2012 से रायपुर (छत्तीसगढ़), पलवल (हरियाणा), खारघर (महाराष्ट्र) और यवतमाल (महाराष्ट्र) में इसी तरह के अस्पताल चलाता है.
अब तक, 20,000 से अधिक बच्चों पर गंभीर बाल चिकित्सा कार्डियक सर्जरी हो चुका है और एक लाख 70 हजार बच्चों का इलाज किया जा चुका है. झारखंड से 1200 से अधिक बच्चों का ऑपरेशन हुआ है और चार हजार से अधिक बच्चों को आउट पेशेंट के रूप में इलाज किया गया.
श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल अपने ‘सिर्फ दिल-बिना बिल’ अनुकंपा स्वास्थ्य सेवा मॉडल के लिए जाना जाता है, जहां इसके किसी भी अस्पताल में बिलिंग काउंटर नहीं हैं.

