
क्यों हो रहा है विवाद
उदित वाणी, जमशेदपुर: दरअसल राज्य में स्थानीय निवासी को परिभाषित करने के लिए 1932 व उसके पूर्व किये गये सर्वे सेटलमेंट को आधार बनाया गया है. जबकि राज्य कि ज्यादतर इलाकों में 1932 के बाद भूमि का सर्वे का कार्य किया गया है। यद्यपि इस मामले में अभी विधेयक लाने का निर्णय लिया गया है और विधानसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान इसमें सुधार किया जा सकता है. लेकिन बड़ा सवाल है कि इसे विधानसभा में कब पेश किया जायेगा.
हेमंत सरकार के संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि विधानसभा का बिशेष सत्र आहूत करने का इरादा नहीं है और विधानसभा का अगला सत्र दिसंबर में शीतकालीन सत्र के रूप में आहूत किया जायेगा। जबकि मुख्यमंत्री के विधानसभा की सदस्यता को लेकर संशय की स्थिति में है. ऐसे में भाजपा के वरिश्ठ विधायक सीपी सिंह ने कहा कि सरकार का यह आईवाश है.
