
उदित वाणी, जमशेदपुर : समाहरणालय सभागार, जमशेदपुर में उप विकास आयुक्त अनिकेत सचान की अध्यक्षता में मनरेगा योजना से जुड़े बीपीओ (प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी) के लिए नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (NMMS) मोबाइल एप पर एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया. प्रशिक्षण का उद्देश्य था मनरेगा योजना में कार्यरत मजदूरों की उपस्थिति को डिजिटल माध्यम से रियल टाइम में दर्ज करना. बताया गया कि अब मजदूरों की उपस्थिति दो पालियों में ली जाएगी और पंचायत स्तर पर मैप्ड मेट के जरिए एप पर अपलोड की जाएगी.
एप से बढ़ेगी पारदर्शिता और समयबद्धता
उप विकास आयुक्त ने कहा कि NMMS एप का उपयोग सामुदायिक योजनाओं में कार्यरत मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए अनिवार्य कर दिया गया है. इसी उपस्थिति के आधार पर मजदूरों को मजदूरी का भुगतान किया जाएगा. इससे योजना में पारदर्शिता बनी रहेगी और भुगतान की प्रक्रिया अधिक संगठित व समयबद्ध होगी. उन्होंने बीपीओ को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने प्रखंडों में ग्राम रोजगार सेवक (GRS) और मेट को भी प्रशिक्षण दें ताकि एप का संचालन बिना किसी अड़चन के हो सके और योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके.
अब प्रखंड स्तर पर भी होंगे प्रशिक्षण सत्र
जिला स्तरीय प्रशिक्षण के बाद अब सभी बीपीओ अपने-अपने प्रखंडों में स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित करेंगे. इसका उद्देश्य यह है कि योजना से जुड़े सभी कर्मियों को NMMS एप के उपयोग में दक्ष बनाया जा सके. इस डिजिटल पहल से मनरेगा योजना में न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि मजदूरों को समय पर भुगतान मिलना भी सुनिश्चित होगा.

