
उदित वाणी, जमशेदपुर : देहरादून में जमशेदपुर के चर्चित गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड की गुत्थी अब भी पूरी तरह नहीं सुलझ पाई है. घटना के 26 दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य साजिशकर्ता और शूटर पुलिस की पकड़ से दूर हैं. इस बीच मामले की जांच कर रही देहरादून पुलिस को बड़ी सफलता उस समय मिली जब अदालत ने इस हत्याकांड में शामिल छह आरोपितों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया. इनमें से अधिकतर आरोपी झारखंड के जमशेदपुर शहर के रहने वाले बताए जा रहे हैं.
अदालत से वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने आरोपितों की तलाश तेज कर दी है. जिन लोगों के खिलाफ वारंट जारी किया गया है उनमें जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र निवासी अंकित वर्मा, आशुतोष सिंह, विशाल सिंह, आकाश कुमार प्रसाद, यशराज सिंह तथा मानगो के उलीडीह थाना क्षेत्र निवासी जितेंद्र कुमार साहू शामिल हैं. पुलिस सूत्रों के अनुसार इन सभी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पहले ही 25–25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया जा चुका है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड एसटीएफ और देहरादून पुलिस की संयुक्त टीम लगातार कार्रवाई कर रही है. आरोपितों की तलाश में पुलिस की टीमें कई बार जमशेदपुर पहुंच चुकी हैं और यहां के विभिन्न इलाकों में छापेमारी भी की गई है. पुलिस ने बागबेड़ा, जुगसलाई और मानगो थाना क्षेत्र में संदिग्ध ठिकानों पर दबिश देकर कई लोगों से पूछताछ की है. हालांकि अब तक मुख्य शूटर और साजिशकर्ता पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं.
जांच एजेंसियों का मानना है कि हत्या की साजिश पहले से रची गई थी और इसमें कई लोगों की भूमिका रही है. इसी कड़ी में पुलिस ने अब तक दो ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें इस मामले में मददगार बताया जा रहा है. गिरफ्तार लोगों में जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र के गाराबासा निवासी राजकुमार सिंह और ग्रेटर नोएडा से मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर शामिल हैं. पुलिस इन दोनों से पूछताछ कर घटना से जुड़े अन्य आरोपितों और साजिश के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है.
गौरतलब है कि 13 फरवरी को देहरादून के सिल्वर मॉल के पास गैंगस्टर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाइक सवार अपराधियों ने नजदीक से कई राउंड फायरिंग कर वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए थे. दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज हत्या से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था और पुलिस पर जल्द खुलासा करने का दबाव बढ़ गया था.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कई स्तरों पर जारी है. फरार आरोपितों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनकी लोकेशन ट्रैक की जा रही है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही मुख्य आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और हत्याकांड की पूरी साजिश का खुलासा सामने आएगा. फिलहाल इस मामले में जमशेदपुर कनेक्शन सामने आने के बाद दोनों राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय बनाकर कार्रवाई जारी है.

