
उदित वाणी, जमशेदपुर: सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से शनिवार शाम को टैक्स क्लिनिक का आयोजन किया गया. टैक्स क्लिनिक में इंकम टैक्स, जीएसटी एवं अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई.
इंकम टैक्स का प्रावधान के तहत यदि कोई व्यवसायी अपने कर्मचारी के पीएफ का भुगतान विलंब से करता है तो उसके बही खाते से ऐसे खर्चे को विभाग अमान्य करार दे सकता है. व्यावसायियों ने कहा कि सरकार को इस कानून में बदलाव करना चाहिए.
नितेश धूत, उपाध्यक्ष, व्यापार एवं वाणिज्य ने बताया कि चैम्बर में पूर्व में भी यह मांग उठाई थी कि करदाताओं को सरकार द्वारा मुफ्त बीमा मुहैया कराया जाना चाहिए.
पूर्व अध्यक्ष सुरेश सोंथालिया ने कहा कि चैंबर से जुड़ी अन्य संस्थाओं के साथ एक बैठक जल्द कराई जायेगी, जिसमें सबसे बजट पूर्व प्रतिवेदन को लेकर सुझाव लिए जाएंगे.
सचिव, वित्त एवं कराधान पीयूष चौधरी ने बताया कि यदि कोई विक्रेता रिटर्न में अपने विक्रय की विवरणी सही तरीके से नहीं डालता है तो क्रेता को उससे खरीदे गये माल पर टैक्स का लाभ नहीं मिलेगा.
यह प्रावधान कानून में जनवरी 2022 से लागू किया गया है. इसके पूर्व की अवधियों के लिए यदि क्रेता के पोर्टल पर उसके द्वारा खरीदे गये माल का बिल न भी दिख रहा हो तो भी उसे उसका क्रेडिट मिलना चाहिए.

