
उदित वाणी, जमशेदपुर: गुरुवार की भोर धालभूमगढ़-चाकुलिया मुख्य सड़क मार्ग पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक तेज रफ्तार सोलह चक्का ट्रक अनियंत्रित होकर अंधेरिया गांव में एक मिट्टी के घर में जा घुसा. इस भीषण हादसे में घर में सो रहे दंपति ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई.
घर की दीवारें टूटीं, बिजली का खंभा गिरा ट्रक पर
घटना के दौरान ट्रक की टक्कर से एलटी विद्युत खंभा भी पूरी तरह टूटकर ट्रक पर गिर गया. इसके कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई. घंटों तक मार्ग अवरुद्ध रहा.
विधायक ने पहुंचकर लिया हाल-चाल, दिलाया सहायता का भरोसा
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक समीर मोहंती, पंचायत मुखिया मोहन सोरेन, सरकार किस्कू तथा एसआई सुकलाल हांसदा दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. विधायक ने पीड़ित परिवार से मिलकर उनका हालचाल जाना और दूरभाष पर अंचल अधिकारी एवं थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि ट्रक मालिक से संपर्क कर पीड़ित के घर की मरम्मत कराई जाए. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सड़क जाम को समाप्त कराया और यातायात बहाल किया.
कैसे हुआ हादसा: नींद में थी जानलेवा चूक
जानकारी के अनुसार WB33B-9941 नंबर का ट्रक पश्चिम बंगाल से आलू लादकर जमशेदपुर की ओर जा रहा था. भोर में चालक को झपकी लगने से ट्रक अनियंत्रित हो गया और अंधेरिया गांव के किनारे स्थित दो घरों से जा टकराया.
मिट्टी का घर, टूटे सपने – पर बच गई जान
हादसे में रामसाई टुडू और किसुन हेंब्रम के घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. रामसाई टुडू अपनी पत्नी रायमनी के साथ बाहर वाले कमरे में सो रहे थे. ट्रक के टकराते ही दोनों किसी तरह भागकर जान बचाने में सफल रहे. किसुन हेंब्रम का परिवार अंदर के कमरे में था, जहां तक ट्रक नहीं पहुंच सका, जिससे वे भी बाल-बाल बच गए.
क्या कहता है ये हादसा?
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि लंबे मार्ग पर चलने वाले भारी वाहनों के चालकों के लिए विश्राम और सतर्कता के उपाय क्यों नहीं सुनिश्चित किए जाते? साथ ही, सड़क किनारे बसे गरीब परिवारों की सुरक्षा भी एक बड़ा सवाल बनकर उभरा है.

