
उदित वाणी, गुवा: टीएसएलपीएल खदान को लेकर किरीबुरु के एसडीपीओ अजीत कुमार कुजूर की अध्यक्षता में शुक्रवार को त्रिपक्षीय बैठक हुई. टीएसएलपीएल को बंद करने की घोषणा छोटानागरा एवं गंगदा पंचायत के ग्रामीणों ने की है.
उनकी घोषणा के मद्देनजर सेल की मेघालया गेस्ट हाउस में हुई बैठक का मुख्य उद्देश्य कंपनी प्रबंधन व आंदोलनकारी ग्रामीणों के बीच सहमति बनाना था.
समिति के अध्यक्ष सह गंगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल ने कहा कि हमारी मांगों में टीएसएलपीएल खदान से प्रभावित गांवों के बेरोजगारों को खदान में अधिक से अधिक रोजगार व नौकरी, ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल, स्कूलों में शिक्षक, मजदूरों को खदान में आने-जाने हेतु कम से कम सलाई चौक तक वाहन की सुविधा, छोटानागरा व गंगदा पंचायत हेतु एम्बुलेंस की सुविधा, गांव के शिक्षित युवकों को आईटीआई की शिक्षा उपलब्ध कराने समेत अन्य मांग हैं.
ग्रामीणों की मांग पर कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) देवाशीष मुखर्जी ने कहा कि पहले से अनेक स्कूलों में शिक्षक दिए गए हैं. जरूरत के अनुसार कुछ और स्कूलों में शिक्षक दिए जाएंगे. पेयजल हेतु अनेक गांवों में डीप बोरवेल कर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराई गई है. सलाई चौक तक वाहन सुविधा बहाल करने का कार्य किया जाएगा.
छोटानागरा व गंगदा में एम्बुलेंस की स्थायी व्यवस्था पर सहमति नहीं बनी. मुखर्जी ने कहा कि मरीजों की आवश्यकता के अनुसार खदान की एम्बुलेंस को तत्काल भेजा जायेगा. आईटीआई की शिक्षा दिलाने का कार्य किया जाएगा और यथासंभव बेरोजगारों को रोजगार दिया जाएगा. जो भी समस्याएं सामने आएंगी, उसका समाधान बैठक में किया जाएगा.

