
उदित वाणी, जमशेदपुर: महाकवि रवींद्रनाथ टैगोर के 84वें महाप्रयाण दिवस पर आज प्रातः से ही शहर में श्रद्धांजलि अर्पित करने का कार्य कला एवं संस्कृति को कवि गुरु के नाम पर बढ़ावा देने वाली संस्था टैगोर सोसाइटी के बैनर तले हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत रवींद्र भवन परिसर में वृक्षारोपण से की गई, जिसमें टैगोर एकेडमी के छात्र-छात्राओं द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान टैगोर सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. एच. एस. पॉल ने सम्बोधित करते हुए कहा कि कवि गुरु को प्रकृति का कवि माना जाता है। उनकी रचनाओं में प्रकृति का सुंदर अहसास देखा जा सकता है। डॉ. पॉल ने यह भी कहा कि आज इस महाप्रयाण दिवस पर हम कवि गुरु को उनकी रचनाओं के माध्यम से याद कर रहे हैं, क्योंकि उनकी रचनाएं हर मौसम और समय के लिए लिखी गई हैं।
इसके बाद ‘नीलो अंजनों घनो नृत्य गीत’ का आयोजन हुआ, और कवि गुरु के नृत्य गीत “कोन पुरातन प्राणेर ताने” की प्रस्तुति भी की गई। इस अवसर पर टैगोर सोसाइटी के महासचिव आशीष चौधुरी और मुख्य अतिथि अपर उपायुक्त भगीरथ प्रसाद के साथ वृक्षारोपण किया गया।
अपर उपायुक्त भगीरथ प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि प्रकृति संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रदूषण की बढ़ती समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि वृक्षारोपण ही प्रदूषण को रोकने का एक प्रभावी तरीका है।
इस कार्यक्रम के दौरान, डॉ. एच. एस. पॉल द्वारा ‘वाल मैगजीन’ का अनावरण भी किया गया। इसके बाद सुबह साढ़े दस बजे टैगोर एकेडमी के तत्वावधान में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं अभिभावक शामिल हुए। रक्तदान शिविर में कुल 36 यूनिट रक्त एकत्र किया गया।
कार्यक्रम का समापन सांध्य बेला में टैगोर स्कूल ऑफ आर्ट्स द्वारा आयोजित संगीत कार्यक्रम से हुआ, जिसमें टैगोर द्वारा रचित गीत ‘रवींद्र संगीत’ के माध्यम से कविवर को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। संगीत कार्यक्रम का निर्देशन टैगोर स्कूल ऑफ आर्ट्स की प्राचार्य चंदना चौधुरी ने किया। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अनिन्दिता चक्रवर्ती, अमरनाथ मुखर्जी, डॉ. सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
यह कार्यक्रम कवि गुरु की काव्य रचनाओं और उनके योगदान को समर्पित था और इसके माध्यम से टैगोर के विचारों और कला को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया।

