
गंगा महासभा ने डीसी को सौंपा ज्ञापन
उदित वाणी, जमशेदपुर: स्वर्णरेखा नदी दिन प्रतिदिन और प्रदूषित होती जा रही है. इसका मुख्य कारण कंपनी व शहरी क्षेत्र से नदी में बिना ट्रीटमेंट किए गिरने वाला पानी है, खासकर सोनारी स्थित दोमुहानी से लेकर मानगो घाट तक इसका पानी काला दिखता है. इस मुद्दे को गंगा महासभा ने काफी गंभीरता से लिया है.
9 जून को गंगा दशहरा अवसर पर गंगा महासभा का प्रतिनिधिमंडल उपाध्यक्ष धर्मचंद्र पोद्दार के नेतृत्व में पूर्वी सिंहभूम की उपायुक्त विजया जाधव से मिला और उन्हें एक मांगपत्र सौंपा.
उपायुक्त को सौंपे मांगपत्र में कहा गया है कि जिस स्थान पर नाले गिर रहे हैं, वहां एसटीपी ( सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) लगाने के लिए कंपनी को निर्देश दिया जाए. जहां-जहां उनके नाले स्वर्णरेखा नदी में गिरते हैं, वहां-वहां एसटीपी लगाए जाएं. पोद्दार ने कहा कि अगर निकट भविष्य में एसटीपी एवं ईटीपी (एफ्फलुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) नहीं लगाए तो बाध्य होकर हम लोग स्वर्णरेखा नदी को बचाने के लिए हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल करेंगे.
उपायुक कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के दौरान गंगा महासभा के प्रतिनिधिमंडल में धर्मचंद्र पोद्दार के अलावा अरुण सिंह, सतीश गुप्ता, शिवात्मा तिवारी, पिंकी देवी (सोनारी) , सबिता ठाकुर दीप, राजवती देवी, पिंकी देवी (कदमा) व अभिषेक कुमार उपस्थित थे.

