
- डेटा सुरक्षा को लेकर टीएमएच की अहम पहल, एक सितंबर से लागू होगी यह पहल
उदित वाणी, जमशेदपुर : डेटा सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए टाटा मेनहॉस्पिटल (टीएमएच) ने घोषणा की है कि एक सितम्बर 2025 से टीएमएच विश्वास वीटू (V2) ऐप पर मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (एमएफए) लागू किया जाएगा. एमएफए एक दो-स्तरीय सुरक्षा सुविधा है, जो उपयोगकर्ता की पहचान को लॉगिन क्रेडेंशियल्स और पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे गए वन-टाइम पासवर्ड के माध्यम से सत्यापित करती है. यह पहल टीएमएच विश्वास वीटू ऐप के सभी उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षा को और बेहतर बनाएगी, जो यूज़र आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करते हैं और संवेदनशील चिकित्सा डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी.
एक सितंबर तक अपडेट करें डेटा
सभी उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे 1 सितम्बर 2025 से पहले टीएमएच विश्वास वीटू ऐप पर अपना नवीनतम मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और आवासीय पता अपडेट कर लें. उपयोगकर्ता ऐप की लैंडिंग पेज पर उपलब्ध यूज़र मैनुअल का संदर्भ ले सकते हैं और “मोबाइल, ईमेल आईडी और आवासीय पता अपडेट करने के लिए” एसओपी में दिए गए चरणों का पालन कर सकते हैं.सहायता के लिए, जमशेदपुर के आम नागरिक टाटा मेन हॉस्पिटल के टीएमएच रजिस्ट्रेशन काउंटर या “मे आई हेल्प यू” डेस्क पर संपर्क कर सकते हैं. आम नागरिक patient_experience@tatasteel.com पर मेल करके या हेल्पलाइन नंबर 0657-6641256 पर कॉल करके भी मदद प्राप्त कर सकते हैं.
टाटा स्टील के कर्मचारी भी अपडेट कर सकते हैं
टाटा स्टील के कर्मचारी, पूर्व कर्मचारी और उनके परिवारजन भी टाटा मेन हॉस्पिटल के टीएमएच रजिस्ट्रेशन काउंटर या “मे आई हेल्प यू” डेस्क पर संपर्क कर सकते हैं। सहायता के लिए people.care@tatasteel.com पर मेल लिखकर या 0657-6644555 पर कॉल करके भी संपर्क किया जा सकता है.एमएफए की शुरुआत के साथ टाटा मेन हॉस्पिटल रोगियों के डेटा की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है. यह हमारे निरंतर पारदर्शिता, मरीजों के विश्वास और डिजिटल सुरक्षा के प्रति समर्पण को दर्शाता है.टाटा मेन हॉस्पिटल सभी उपयोगकर्ताओं से अपील करता है कि वे समय रहते आवश्यक अपडेट की प्रक्रिया पूरा करें. ऐसा करने से न केवल लॉगिन में किसी भी प्रकार की रुकावट से बचा जा सकेगा, बल्कि टीएमएच विश्वास वीटू ऐप के माध्यम से अपने चिकित्सा रिकॉर्ड और सेवाओं तक निर्बाध और सुरक्षित पहुंच भी सुनिश्चित होगी.

