
उदित वाणी, जमशेदपुर: समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में नार्कोटिक्स समन्वय समिति (NCORD) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही नशीले पदार्थों के उत्पादन, तस्करी, प्रसंस्करण और बिक्री पर नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों की पड़ताल की गई। बैठक का मूल उद्देश्य था जिले में ड्रग्स के बढ़ते खतरे पर लगाम लगाना।
दवा दुकानों पर विशेष निगरानी के निर्देश
उपायुक्त ने ड्रग इंस्पेक्टर को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे दवा दुकानों के माध्यम से हो रही अवैध दवा बिक्री पर कठोर कार्रवाई करें। बिना डॉक्टर की पर्ची के प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने के लिए निरीक्षण अभियान तेज करने के आदेश दिए गए। उन्होंने कहा कि बिना लाइसेंस चल रही फार्मेसियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही हर महीने नार्कोटिक दवाओं की बिक्री व स्टॉक की रिपोर्ट भी मांगी गई।
पुलिस को सतर्क रहने का निर्देश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे किसी भी सूचना पर त्वरित कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि ड्रग्स माफियाओं की जड़ तक पहुंचने के लिए विभागीय समन्वय जरूरी है। ड्रग्स के अवैध नेटवर्क को तोड़ने के लिए ड्रग इंस्पेक्टर और पुलिस मिलकर सघन अभियान चलाएं।
जनजागरूकता और पुनर्वास को मिलेगी प्राथमिकता
उपायुक्त ने कहा कि जनता में जागरूकता फैलाने के लिए विद्यालयों और महाविद्यालयों में नशामुक्ति कार्यशालाएं आयोजित की जाएं। नशे के आदी लोगों और उनके परिवारजनों के लिए काउंसलिंग व पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। नशा छोड़ चुके लोगों को स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं से जोड़ने के प्रयास तेज किए जाएं।
आमजन से अपील
प्रशासन ने जनता से अपील की है कि यदि उन्हें ड्रग्स के अवैध व्यापार, सेवन या परिवहन से संबंधित कोई जानकारी मिले तो वे तुरंत टोल फ्री नंबर 112 या पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 0657-2431028 पर सूचित करें।
उपस्थित पदाधिकारी
बैठक में बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर अनिकेत सचान, सिटी एसपी कुमार शिवाशीष, एसडीएम धालभूम शताब्दी मजूमदार, एसडीएम घाटशिला सुनील चंद्र, उपनगर आयुक्त कृष्ण कुमार, डीटीओ धनंजय, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंचानन उरांव, पुलिस उपाधीक्षक भोला प्रसाद, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, नगर निकायों के सहायक नगर आयुक्त, ड्रग इंस्पेक्टर, फूड इंस्पेक्टर समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद थे।

