- बिष्टुपुर स्थित जीवन बीमा निगम के दो कार्यालयों में चोरी की घटना दे रही बड़ी साजिश के संकेत
- कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में, घर के भेदिये के बारे में भी सुराख जुटाना बड़ी चुनौती
उदित वाणी, जमशेदपुर: बिष्टुपुर थाना अंतर्गत हिंदुस्तान बिल्डिंग स्थित LIC की दो शाखाओं में छह स्तर की सुरक्षा वाले लॉकरों को तोड़े बिना चोरों ने 85 लाख नकद उड़ाकर हर किसी को हैरान कर दिया है? चोरी की इस घटना से संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर तो सवाल खड़े हो ही गए हैं, संदेश की सुई घर के उस भेदिये की ओर भी जा रही है जिसे लॉकर, कैश व उसे खोलने के तरीके के बारे में पूरी जानकारी थी और जिसने उस जानकारी को चोरों से साझा कर इस घटना को अंजाम दिलाने की साजिश रची.
चोरों ने ब्रांच 2 के लॉकर में रखे 55 लाख और सीएबी कार्यालय में रखे 30 लाख रुपये की चोरी की है. इसकी जानकारी ब्रांच 2 के कर्मचारियों को तब हुई जब वे बुधवार सुबह कार्यालय पहुंचे. उन्होंने पाया कि लॉकर का दरवाजा खुला हुआ है और अंदर रखी नकदी गायब थी. इसके बाद सीएबी कार्यालय में भी इसी तरह की चोरी की घटना सामने आई. सूचना पाकर बिष्टुपुर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई. पुलिस ने शाखा प्रबंधक और कर्मचारियों से पूछताछ शुरू की. सभी कर्मचारियों से बंद कमरे में एक-एक कर पूछताछ की गई.
हवा में तैर रहे कई तरह के सवाल
सवाल उठ रहा है कि चोर लॉकर को खोलने में कैसे सफल गए. दोनों कार्यालयों के अलग-अलग बड़े लॉकर के कैश बाक्स से रुपये उड़ाए गए हैं. जानकारों का कहना है कि हरेक बड़े लॉकर की चाबी (चाभी) की वन और की टू दो अलग-अलग कर्मचारियों के पास रहती है. दोनों चाबी का उपयोग करके ही लॉकर को खोलने की व्यवस्था है. इसके बाद कैश बाक्स की चाबी अलग होती है. दो चाबी से बड़ा लॉकर खोलने के बाद तीसरी चाबी से कैश बाक्स खोला जाता है. यानी हर कार्यलय में कैश को तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था में रखा जाता है. इस तरह से चोरों ने छह स्तर की सुरक्षा व्यवस्था को आराम से तार तार कर दिया. दोनों लॉकर व कैश बाक्स तोड़े नहीं गए हैं और न ही काटे गए हैं. उन्हें खोलकर चोरी की गयी है. स्पष्ट है कि चाबी का ही प्रयोग किया गया है. सवाल है चोरों तक सभी चाबी कैसे पहुंची? क्या डुप्लीकेट चाबी बनाकर घटना को अंजाम दिया गया? यदि ऐसा किया गया तो इसमें किसकी संलिप्तता हो सकती है? दोनों कार्यालयों के लॉकरों की डुप्लीकेट चाबी को किसने बनवाया? कैश रहने की जानकारी चोरों को किसने दी? जब कार्यालयों में इतनी बड़ी राशि लॉकर में थी तो उसकी सुरक्षा के खास उपाय किए गए थे या नहीं? वह कौन हो सकता है जिसके पास दोनों कार्यालयों की इतनी बारीक जानकारी थी? वह भेदिया कौन हो सकता है? चोरों तक लॉकर मे कैश रहने की बात कैसे पहुंची?
खिडक़ी तोडक़र कार्यालय में घुसे चोर
मामले को लेकर ब्रांच मैनेजर राकेश रंजन सिन्हा ने बताया कि सुबह जब कर्मचारी कार्यालय पहुंचे तब चोरी की जानकारी हुई. इसके बाद सीसीटीवी की जांच की गई, तब पता चला कि चोर सीसीटीवी का डीवीआर खोलकर ले गए हैं. राकेश रंजन ने बताया कि चोर कार्यालय की खिडक़ी तोडक़र अंदर घुसे और घटना को अंजाम दिया. चोरों ने अन्य किसी वस्तु को हाथ तक नहीं लगाया और सीधे लॉकर को खोलकर चोरी की.
उन्होंने आगे बताया कि लॉकर को खोलने के लिए किसी विशेषज्ञ की आवश्यकता होती है. लॉकर को खोलने की प्रक्रिया से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि चोरी की घटना को अंजाम देने वाला व्यक्ति या समूह कार्यालय से अच्छी तरह परिचित था. पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है कि कहीं यह घटना किसी अंदरूनी व्यक्ति की मिलीभगत से तो नहीं हुई.
29 मार्च को रेनोवेशन के बाद हुआ था उद्घाटन
मामले को लेकर LIC के सीनियर DM अनंत भूषण रथ ने बताया कि मंगलवार को बैंक बंद होने के कारण पैसों को लॉकर में रखा गया था. बुधवार को बैंक खुलने के पश्चात सभी पैसे बैंक में जमा किए जाने थे. उन्होंने कहा कि चोरी लॉकर को खोलकर की गई है, जिससे यह साफ है कि घटना को अंजाम देने वाले को कार्यालय की पूरी जानकारी थी. संभवत: कर्मचारियों की मिलीभगत से ही यह घटना हुई हो. अनंत भूषण ने बताया कि बीते दो-तीन माह से कार्यालय में रेनोवेशन का काम चल रहा था और 29 मार्च को ही इसका उद्घाटन किया गया था. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कार्यालय में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे, फिर भी यह घटना कैसे हुई, यह जांच का विषय है.
हर शिफ्ट में चार गार्ड, फिर भी चोरी
हिंदुस्तान बिल्डिंग में LIC के अलावा अन्य कार्यालय भी मौजूद हैं. पूरी बिल्डिंग की सुरक्षा के लिए हर शिफ्ट में चार गार्ड तैनात रहते हैं. इसके अलावा कार्यालय के भी अपने गार्ड होते हैं. बावजूद इसके चोरों ने घटना को अंजाम दे दिया और फरार हो गए.
सुरक्षा कर्मियों की भूमिका जांच के घेरे में
इस मामले में सुरक्षाकर्मियों की भूमिका भी जांच के घेरे में है. पुलिस गार्डों से गहन पूछताछ कर रही है कि घटना की रात उन्हें कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दी थी या नहीं? प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि चोरी के दौरान किसी भी गार्ड ने कोई हलचल महसूस नहीं की. यह बात संदेह उत्पन्न करती है कि क्या गार्डों की लापरवाही से यह घटना घटी या फिर इसमें उनकी संलिप्तता भी हो सकती है.
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. बिष्टुपुर थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने की कोशिश कर रही है, हालांकि चोर DVR लेकर फरार हो गए हैं जिससे जांच में बाधा आ रही है. इसके अलावा पुलिस तकनीकी विश्लेषण के जरिए अन्य संभावित सुरागों की तलाश कर रही है.पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या किसी कर्मचारी ने चोरों को अंदर घुसने में मदद की थी? इसके लिए सभी कर्मचारियों की कॉल डिटेल्स निकाली जा रही हैं और उनके बैंक खातों की भी जांच की जाएगी. पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
LIC प्रबंधन ने दिए सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश
इस घटना के बाद LIC प्रबंधन ने पूरे राज्य में अपने कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के निर्देश दिए हैं. प्रबंधन ने कहा है कि अब कार्यालयों में सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाई जाएगी और सभी शाखाओं में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे जिनका कंट्रोल किसी बाहरी सर्वर से जोड़ा जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटना को रोका जा सके.एलआईसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि वे इस घटना को गंभीरता से ले रहे हैं और किसी भी संदिग्ध कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ग्राहकों के पैसों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और वे इस दिशा में हर संभव कदम उठाएंगे.
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