
उदित वाणी, चाईबासा: जिला समाहरणालय स्थित सभागार में शुक्रवार को जिलास्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक का आयोजन किया गया. बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी चंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने संयुक्त रूप से की. बैठक में अपर उपायुक्त प्रवीण केरकेट्टा, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, अंचल अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे.
बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध अब तक की गई कार्रवाई की बिंदुवार समीक्षा की गई. इस दौरान संबंधित पदाधिकारियों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों पर विस्तार से चर्चा की गई और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.
उपायुक्त श्री चंदन कुमार ने कहा कि खनिजों का अवैध दोहन राज्य के राजस्व को नुकसान पहुंचाता है और इस पर शत-प्रतिशत रोक लगाना आवश्यक है. उन्होंने निर्देश दिया कि हाटगम्हरिया और बलंडिया में नियमित चेकपोस्ट संचालन को प्रभावी बनाया जाए. खनन से जुड़े वाहनों की नियमित जांच के लिए जांच दल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए.
सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में क्रमबद्ध रूप से औचक जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए. साथ ही, जब्त बालू की नीलामी नियमानुसार करने के लिए जिला खनन पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया.
पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने अंचल और थाना स्तर पर घाट क्षेत्रों में लगातार छापेमारी करने और विशेष निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए. उन्होंने गोईलकेरा, सेरेंगदा, जैंतगढ़, घनापाली और मंझगांव क्षेत्र को विशेष रूप से चिन्हित करते हुए यहां लगातार निगरानी रखने पर बल दिया.
उन्होंने जिले में बंद पड़े खदानों में लौह अयस्क के भंडारण की भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया को नियमित रूप से लागू करने का निर्देश दिया. इसका उद्देश्य संभावित अवैध उत्खनन और स्टॉक से अयस्क की चोरी की घटनाओं पर पूरी तरह से रोक लगाना है.

