
उदित वाणी, जमशेदपुर : टेल्को थाना अंतर्गत टेल्को रेक्रिएशन क्लब में 27 नवंबर की शाम हुई मारपीट की घटना को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का बड़ा दावा है कि बच्चों और ताइक्वांडो प्रशिक्षक सुनील कुमार के साथ मारपीट करने वाले ही उल्टा पीड़ित बनकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे. इससे इलाके में नाराज़गी और आशंका का माहौल बन गया है.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शिल्पी दास के साथ आए करीब 15–16 युवक अचानक ताइक्वांडो प्रशिक्षण स्थल पर पहुंचे और वहां मौजूद बच्चों के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी. प्रशिक्षक सुनील कुमार ने जब बीच-बचाव की कोशिश की तो उन पर भी हमला किया गया. इस दौरान कई नाबालिग बच्चे चोटिल हो गए, जिससे माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया.
लोगों की सबसे बड़ी नाराज़गी इस बात को लेकर है कि घटना के समय मौजूद टेल्को थाना की पीसीआर वैन ने हस्तक्षेप नहीं किया. स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे, लेकिन मारपीट रोकने या आरोपित युवकों को हटाने की कोई कोशिश नहीं की गई. इससे पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
घटना के बाद आज बड़ी संख्या में अभिभावक, प्रशिक्षक सुनील कुमार और स्थानीय लोग टेल्को थाना पहुंचे. उन्होंने कहा कि मारपीट करने वाले ही पहले पुलिस में शिकायत देकर खुद को पीड़ित बताने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वास्तविक पीड़ित बच्चे और प्रशिक्षक हैं. अभिभावकों ने कहा कि यह “फर्जी शिकायत” असली पीड़ित पक्ष को दबाने और दिशा बदलने की साजिश हो सकती है.
लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और मारपीट में शामिल युवकों पर कड़ी कार्रवाई हो. अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को लगी चोटें इस बात का सबूत हैं कि हमला बहुत गंभीर था और इसे हल्के में लेना ठीक नहीं होगा.
आक्रोशित स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वे बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे. वहीं, पुलिस की निष्क्रियता पर उठ रहे सवालों ने मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है.

