
उदित वाणी, जमशेदपुर : शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन को जहां अस्त-व्यस्त किया है, वहीं इसका सीधा असर रेल परिचालन पर भी पड़ा है. टाटानगर रेलवे स्टेशन के वाशिंग यार्ड और रेलवे लाइनों में जलजमाव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे 20 जून को टाटानगर से खुलने और पहुंचने वाली 30 से अधिक ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है.

रेलवे प्रशासन ने इस संबंध में अधिसूचना जारी करते हुए यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पूर्व अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य ले लें. यार्ड में पानी भर जाने से ट्रेनों के मेंटेनेंस, प्लेटफॉर्म तक लाने-ले जाने और ऑपरेशन में बाधा उत्पन्न हो रही है.
रद्द की गई प्रमुख ट्रेनें (20 जून 2025)
रेलवे की ओर से जिन ट्रेनों को पूरी तरह रद्द किया गया है, उनमें निम्नलिखित ट्रेनें शामिल हैं:
1. 68128/68127 टाटानगर – चाकुलिया – टाटानगर
2. 68126/68125 बारबिल – टाटानगर – बारबिल
3. 68138/68137 चाईबासा – टाटानगर – चाईबासा
4. 68129/68130 टाटानगर – बादामपहाड़ – टाटानगर
5. 68131/68132 टाटानगर – बादामपहाड़ – टाटानगर
6. 68133/68134 टाटानगर – बादामपहाड़ – टाटानगर
7. 68135/68136 टाटानगर – बादामपहाड़ – टाटानगर
8. 68085/68086 बरकाकाना – टाटानगर – बरकाकाना
9. 68010/68009 चक्रधरपुर – टाटानगर – चक्रधरपुर
10. 68006 टाटानगर – खड़गपुर
11. 68013 खड़गपुर – टाटानगर
12. 18601/18602/18113 हटिया – टाटानगर – हटिया – बिलासपुर एक्सप्रेस
13. 18113 टाटानगर – बिलासपुर एक्सप्रेस
अल्पकालीन समापन/आरंभ की गई ट्रेनें
वर्षा और ट्रैक की स्थिति को देखते हुए कुछ ट्रेनों को उनकी नियत मंजिल से पहले ही रोक दिया गया या वहीं से यात्रा शुरू की गई:
1. 13301/13302 धनबाद – टाटानगर – धनबाद एक्सप्रेस: अब यात्रा आद्रा पर अल्पकालीन समापन और आरंभ.
2. 68055/68056 आसनसोल – टाटानगर – आसनसोल मेमू: अब यात्रा पुरुलिया पर समाप्त/आरंभ.
3. 13512/13511 आसनसोल – टाटानगर – आसनसोल एक्सप्रेस: यह भी पुरुलिया तक सीमित.
दक्षिण बिहार एक्सप्रेस का बदला मार्ग
रेलवे ने रूट में बदलाव करते हुए दक्षिण बिहार एक्सप्रेस (13288/13287) के संचालन का भी निर्णय लिया है:
13288 आरा – दुर्ग दक्षिण बिहार एक्सप्रेस (19 जून) अब चांडिल – सिनी – चक्रधरपुर मार्ग से जाएगी. इसका काड्रां स्टेशन पर ठहराव भी जोड़ा गया है.
13287 दुर्ग – आरा दक्षिण बिहार एक्सप्रेस (20 जून) भी इसी मार्ग और काड्रां स्टेशन पर ठहराव के साथ चलाई जाएगी.
रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ी, स्टेशन पर अफरा-तफरी
रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही हजारों यात्री परेशान देखे गए. जिन यात्रियों ने पहले से टिकट बुक कर रखा था, उन्हें अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी. कई लोग बिना सूचना के स्टेशन पहुंचे और ट्रेनों के रद्द होने की जानकारी पाकर नाराज दिखे.
यात्रियों की प्रतिक्रिया:
रीता कुमारी :
“सुबह से दो बच्चों के साथ यहां बैठी हूं, किसी को कुछ पता नहीं चल रहा कि ट्रेन चलेगी या नहीं. टिकट भी रद्द नहीं हो रहा. बहुत परेशानी हो रही है.”
विकास सिंह :
“कल से खबरें आ रही थीं, फिर भी रेलवे ने स्पष्ट सूचना समय पर नहीं दी. अचानक ट्रेन रद्द कर दी गई.”
राजेश नायक :
“हमने 68137 से आना था, पर ट्रेन ही रद्द हो गई. अब बस पकड़कर लौटना पड़ रहा है.”
रफीक आलम (ट्रैवल एजेंट):
“बड़ी संख्या में लोग मेरे ऑफिस से टिकट कराते हैं. आज सभी को रिफंड और कन्फ्यूजन में मदद करनी पड़ी. कुल मिलाकर अफरातफरी है.”
रेलवे प्रशासन की अपील और विकल्प
दक्षिण पूर्व रेलवे की ओर से यात्रियों से बार-बार अनुरोध किया गया है कि वे यात्रा से पहले 139 हेल्पलाइन नंबर या रेलवे की वेबसाइट/app से अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य लें.
पुनर्बहाली में लगे हैं रेलवे के अधिकारी
रेलवे यार्ड से जलनिकासी के लिए पंपिंग मशीनों का उपयोग किया जा रहा है. रेल कर्मियों की कई टीमें 24 घंटे ड्यूटी पर हैं. यार्ड की सफाई, सिग्नल चेक और पटरियों की सुरक्षा जांच का कार्य भी युद्धस्तर पर जारी है.
एक ओर मानसून की पहली झमाझम बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया है, लेकिन दूसरी ओर इसका प्रभाव नागरिक जीवन और रेल संचालन पर गहरा पड़ रहा है. टाटानगर रेलवे स्टेशन पर फिलहाल बहाली की कोशिशें जारी हैं, लेकिन जब तक यार्ड से पानी पूरी तरह नहीं निकलेगा, तब तक ट्रेनों का नियमित संचालन शुरू होना संभव नहीं है. यात्रियों को सलाह है कि वे यात्रा योजनाओं को लचीला रखें और रेलवे से लगातार संपर्क में बने रहें.

