
उदित वाणी, जमशेदपुर: टाटानगर में आरआईटीईएस (राइट्स) के तत्वावधान में रेल प्रशासन के सहयोग से एक व्यापक सड़क सुरक्षा अभियान का आयोजन किया गया. इस अभियान का उद्देश्य आम लोगों में विशेषकर ऑटो चालकों और दोपहिया वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना तथा दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाना रहा.
अभियान में रेलवे के सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. सभी अधिकारियों ने स्वयं सड़क पर उतरकर वाहन चालकों से संवाद किया और उन्हें यातायात नियमों की महत्ता समझाई. अधिकारियों ने बताया कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए नियमों का पालन केवल कानूनी बाध्यता नहीं बल्कि जीवन की सुरक्षा का माध्यम है.
इस दौरान ऑटो चालकों और दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, ओवरटेक करने में सावधानी बरतने, मोबाइल फोन का प्रयोग न करने, यातायात संकेतों और सिग्नलों का सम्मान करने तथा नशे की हालत में वाहन न चलाने की सलाह दी गई. अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षित ड्राइविंग अपनाकर न केवल अपनी बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की जान भी बचाई जा सकती है.
अभियान को जनसरोकार से जोड़ने के लिए वाहन चालकों और सवारियों को चॉकलेट और गुलाब भी वितरित किए गए. इस अनोखे अंदाज ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और संदेश को सकारात्मक रूप में ग्रहण करने में मदद की. कई चालकों ने अधिकारियों से बातचीत के दौरान स्वीकार किया कि वे अक्सर जल्दबाजी में नियमों की अनदेखी कर देते हैं, लेकिन अब वे अधिक सतर्क रहेंगे.
रेल प्रशासन और आरआईटीईएस के इस संयुक्त प्रयास की वाहन चालकों ने सराहना की. उन्होंने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने का संकल्प लिया और कहा कि ऐसे अभियानों से लोगों में जागरूकता बढ़ती है. अधिकारियों ने भी भरोसा जताया कि यदि इस तरह के कार्यक्रम निरंतर होते रहें, तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है.
अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों में यह संदेश देना रहा कि सड़क केवल चलने का रास्ता नहीं, बल्कि साझा जिम्मेदारी का क्षेत्र है, जहां हर व्यक्ति की सतर्कता ही सुरक्षित भविष्य की गारंटी बन सकती है.

