
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटानगर रेल सिविल डिफेंस के जवान कल्याण कुमार साहू ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) अकादमी, नागपुर में आयोजित पांच सप्ताहीय बाढ़ और चक्रवात प्रतिक्रिया पाठ्यक्रम (फ्लड एंड साइक्लोन डिजास्टर रिस्पांडर कोर्स) में द्वितीय स्थान प्राप्त कर टाटानगर रेल मंडल और दक्षिण पूर्व रेलवे का नाम रोशन किया है. इस उत्कृष्ट प्रदर्शन से न केवल टाटानगर रेल सिविल डिफेंस टीम का गौरव बढ़ा है, बल्कि यह आने वाले समय में आपदा राहत कार्यों की दिशा में एक मजबूत कदम भी साबित होगा.
दक्षिण पूर्व रेलवे, टाटानगर द्वारा चयनित कर साहू को नागपुर स्थित एनडीआरएफ अकादमी में भेजा गया था, जहां देशभर के विभिन्न राज्यों के कुल 32 प्रतिभागी एकत्र हुए थे. इसमें हिमाचल प्रदेश और मेघालय के गृह रक्षक (होमगार्ड), तेलंगाना राज्य आपदा मोचन बल (टीडीआरएफ), असम सिविल डिफेंस, दक्षिण रेलवे चेन्नई, पश्चिम रेलवे राजकोट व अहमदाबाद, पूर्व रेलवे कोलकाता और दक्षिण पूर्व रेलवे आद्रा तथा टाटानगर के प्रतिनिधि शामिल थे.
बाढ़ और चक्रवात में राहत के विशेष प्रशिक्षण
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बाढ़ और चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय त्वरित और दक्ष प्रतिक्रिया क्षमता का विकास करना था. पांच सप्ताह तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को बाढ़ के दौरान बहते जल में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, ढही हुई संरचनाओं में दबे व्यक्तियों को बचाने, रैपलिंग, बोट संचालन, ऊंचाई से उतरना और प्राथमिक उपचार जैसी तकनीकों में विशेषज्ञ प्रशिक्षण प्रदान किया गया.
कल्याण कुमार साहू ने पूरे समर्पण और अनुशासन के साथ प्रशिक्षण में भाग लिया. प्रशिक्षण की समाप्ति के उपरांत ली गई लिखित, प्रायोगिक और मौखिक परीक्षाओं में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पूरे देश के 32 प्रतिभागियों में द्वितीय स्थान प्राप्त किया.
सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर ने दी बधाई
इस उपलब्धि पर टाटानगर रेल सिविल डिफेंस के निरीक्षक संतोष कुमार ने कल्याण साहू को शुभकामनाएं दीं और कहा कि, “इस प्रकार के प्रशिक्षण से ही जवानों की दक्षता में वृद्धि होती है. जब हमारे जवान आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में ऐसे संस्थानों से प्रशिक्षित होकर लौटते हैं, तो उनका आत्मविश्वास और कार्यकुशलता दोनों ही उच्च स्तर पर होती है. यह हम सबके लिए गर्व का क्षण है.”
उन्होंने आगे बताया कि विभाग की ओर से सिविल डिफेंस के अन्य जवानों को भी विभिन्न आपदा विषयों में प्रशिक्षित करने की योजना बनाई गई है. नियमित रूप से उन्हें देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में भेजकर प्रशिक्षण दिलाया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की आपदा के समय त्वरित और प्रभावी सहायता पहुंचाई जा सके.
आपदा प्रबंधन में नई उम्मीद
बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं की पृष्ठभूमि में इस प्रकार के विशिष्ट प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक हो गए हैं. कल्याण कुमार साहू जैसे समर्पित और प्रशिक्षित जवान आपदा प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. टाटानगर जैसे प्रमुख रेलवे जंक्शन, जहां हर दिन हजारों यात्रियों का आना-जाना होता है, वहां इस प्रकार की सशक्त टीम का होना आवश्यक भी है और राहतकारी भी.
प्रशिक्षण के दौरान साहू ने अन्य राज्यों के प्रतिभागियों से भी अनुभव साझा किए और बताया कि किस प्रकार अलग-अलग क्षेत्र की आपदाओं में भिन्न-भिन्न रणनीतियां अपनाई जाती हैं. उन्होंने कहा, “यह प्रशिक्षण मेरे जीवन का एक अनमोल अनुभव रहा. मैंने सीखा कि संकट के समय धैर्य और तकनीकी दक्षता से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है. भविष्य में यदि कोई आपदा आती है, तो मैं पहले से अधिक सक्षम होकर समाज और रेलवे यात्रियों की सेवा कर सकूंगा.”
टाटानगर रेल सिविल डिफेंस के जवान कल्याण कुमार साहू की यह सफलता टाटानगर और दक्षिण पूर्व रेलवे मंडल के लिए प्रेरणास्रोत है. यह उपलब्धि दर्शाती है कि समर्पण, प्रशिक्षण और दृढ़ इच्छाशक्ति से किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त की जा सकती है. अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभाग इस सफलता को किस प्रकार एक व्यापक रणनीति में परिवर्तित करता है, जिससे अधिक से अधिक जवानों को प्रशिक्षित कर देश की आपदा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत किया जा सके.

