
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन की पार्किंग एक बार फिर विवादों में आ गई है. रांची निवासी एक व्यक्ति से महज़ पाँच घंटे कार खड़ी करने पर ₹5,310 पार्किंग शुल्क वसूले जाने का मामला सामने आया. इतना बड़ा बिल देखकर यात्री के होश उड़ गए और मौके पर जमकर कहासुनी हुई.
जानकारी के अनुसार, रांची निवासी युवक ने मंगलवार सुबह 11:40 बजे अपनी कार स्टेशन की ड्रॉपिंग लाइन पर खड़ी की और अंदर चला गया. शाम 4:31 बजे लौटने पर जब उसने गाड़ी निकालनी चाही तो पार्किंग कर्मियों ने उसे ₹5,310 का स्लिप थमा दिया. इस पर दोनों पक्षों में विवाद हो गया. काफ़ी देर बहस के बाद अंततः पार्किंग कर्मियों ने ₹1,000 लेकर वाहन को छोड़ दिया.
गौरतलब है कि स्टेशन की ड्रॉपिंग लाइन पर पहले 10 मिनट तक कोई शुल्क नहीं लिया जाता. इसके बाद हर आधे घंटे पर ₹500 शुल्क तय है, जिस पर जीएसटी भी जोड़ा जाता है. इन्हीं नियमों का हवाला देकर पार्किंग कर्मियों ने बिल बनाया. हालांकि, यात्रियों का कहना है कि इस नियम की आड़ में अक्सर अवैध वसूली की जाती है.
स्थानीय लोगों ने बताया कि स्टेशन पर पार्किंग कर्मियों द्वारा मनमाना शुल्क वसूले जाने और यात्रियों से मारपीट की घटनाएँ पहले भी हो चुकी हैं. इस ताज़ा मामले ने रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. लोगों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा के लिए बने नियमों को मनमानी वसूली का ज़रिया बना दिया गया है.
लोगों ने दक्षिण पूर्व रेलवे प्रशासन से माँग की है कि पार्किंग व्यवस्था की गहन जाँच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए और यात्री हित में पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.

