उदित वाणी, जमशेदपुर: टाटा स्टील के 2023 बैच के ट्रेड अप्रेंटिस कर्मियों ने टाटा स्टील में नियुक्ति की मांग को लेकर लगातार तीसरे दिन बुधवार को सुबह करीब 12 बजे टाटा वर्कर्स यूनियन पहुंचे. बुधवार को ट्रेड अप्रेंटिस कर्मियों ने यूनियन का घेराव कर चक्का जाम कर दिया. करीब दो घंटे के बाद यूनियन अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी ने पांच प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुलाया. ट्रेड अप्रेंटिस कर्मियों का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल यूनियन अध्यक्ष के चैंबर में वार्ता के लिए पहुंचा. ट्रेड अप्रेंटिसकर्मियों ने अध्यक्ष के पास अपनी मांगों को रखा. टाटा स्टील टेक्निकल सर्विसेस में भेजे जाने का विरोध कर रहे ट्रेड अप्रेंटिस के 2022 बैच के युवाओं का कहना था ट्रेनिंग के बाद उन्हें टाटा स्टील या इसकी सब्सिडियरी कंपनी में पदस्थापित किए जाने की बात कही गयी थी, लेकिन अब उन्हें टाटा स्टील टेक्निकल सर्विसेस में नियुक्त किया जा रहा है.
अप्रेंटिसकर्मियों का कहना था कि उनका भविष्य बर्बाद हो जाएगा. ट्रेड अप्रेंटिस करने के बाद उन्हें सभी तरह की कटौती के बाद मात्र 9,500 रुपये ही मिलेंगे. कंपनी आवास की सुविधा नहीं देगी, मेडिकल सुविधा के नाम पर उन्हें ईएसआई की सुविधा मिलेगी. एक अप्रेंटिसकर्मी ने अध्यक्ष से सवाल किया कि वे दिल पर हाथ रखकर बतायें कि उनलोगों के साथ गलत हो रहा है कि नहीं? अध्यक्ष ने भी बहाली के लिए निकली नोटिस का हवाला देते हुए कहा कि नोटिस के आधार पर कोई गलत तो नहीं लग रहा है. अध्यक्ष ने टीए में बहाली के लिए नोटिस दिखाते हुए स्पष्ट किया कि इसमें टाटा स्टील की सब्सिडियरी में नियुक्त किए जाने का उल्लेख है. अगर उनकी सुविधाओं में किसी प्रकार की परेशानी हो रही है तो वे बताए उस पर वे प्रबंधन से बात करेंगे. अध्यक्ष ने उन लोगों को बताया कि अगर वे लोग नई कंपनी में अच्छा काम करेंगे तब वे भी टाटा स्टील में आ सकते हैं. यूनियन अध्यक्ष की बात सुनने के बाद वे लोग चले गये. इस दौरान अध्यक्ष के अलावा महामंत्री सतीश कुमार सिंह समेत अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे. यूनियन से जाने के बाद इनका प्रतिनिधिमंडल शाम 4 बजे एसएनटीआइ गया तथा वहां प्रबंधन से बात किया.
क्या कहा यूनियन अध्यक्ष ने
यूनियन अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी ने बताया कि 2023 बैच के टीए आए थे. उनलोगों को टीए में बहाली के लिए निकली नोटिस के आधार पर बताया गया कि कहीं भी टाटा स्टील में नियुक्ति की बात का उल्लेख नहीं है बल्कि इसकी सब्सिडीयरी में नियुक्त करने की बात कही गयी है. आपलोगों ने भी ज्वाइनिंग लेटर में इस बात पर ही हस्ताक्षर किया है. इसके बावजूद यूनियन ने टाटा स्टील में इनलोगों की नियुक्ति को लेकर प्रबंधन से कई दौर की वार्ता की थी, लेकिन प्रबंधन ने नोटिस का हवाला देकर टाटा स्टील में नियुक्ति से साफ इंकार कर दिया.
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