
उदित वाणी, जमशेदपुर: वर्ल्डस्टील ने टाटा स्टील को वर्ष 2025 के लिए लगातार आठवीं बार ‘स्टील सस्टेनेबिलिटी चैंपियन’ के रूप में सम्मानित किया है. यह उपलब्धि कंपनी की दीर्घकालिक सतत विकास नीति, नवाचार के प्रति समर्पण, और पर्यावरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है.
सिडनी में घोषित हुआ सम्मान
यह घोषणा वर्ल्डस्टील की बोर्ड ऑफ मेंबर्स की स्पेशल जनरल मीटिंग के दौरान ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में की गई. टाटा स्टील उन चुनिंदा वैश्विक कंपनियों में शामिल रही जिन्हें यह खिताब प्राप्त हुआ.
हरित भविष्य की दिशा में समर्पित प्रयास
इस सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए टाटा स्टील के सीईओ एवं मैनेजिंग डायरेक्टर टी. वी. नरेंद्रन ने कहा कि यह मान्यता टाटा स्टील की सतत और हरित इस्पात निर्माण की दिशा में की जा रही कोशिशों का प्रतिफल है. उन्होंने कहा कि कंपनी अत्याधुनिक तकनीकों और जिम्मेदार कारोबारी व्यवहारों के जरिए पर्यावरणीय प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए निरंतर प्रयासरत है.
सस्टेनेबिलिटी चैंपियन बनने के लिए कड़े मापदंड
वर्ल्डस्टील के सस्टेनेबिलिटी चैंपियन बनने के लिए कंपनियों को कई मानदंडों पर खरा उतरना होता है. इसमें सस्टेनेबिलिटी चार्टर पर हस्ताक्षर करना, पर्यावरण और सामाजिक दायित्वों के प्रति स्पष्ट प्रतिबद्धता दिखाना, और संचालन में उत्कृष्टता सुनिश्चित करना शामिल होता है.
जीवनचक्र मूल्यांकन और कार्बन ट्रैकिंग में अग्रणी
टाटा स्टील ने लाइफ साइकिल असेसमेंट (एलसीए) जैसे जटिल टूल्स के माध्यम से अपने उत्पादों के जीवनचक्र के हर चरण में कार्बन उत्सर्जन का आकलन किया है. कंपनी CDP को हर वर्ष जलवायु संबंधी आंकड़े प्रस्तुत करती रही है और 2023 में A- रेटिंग प्राप्त की है.
भारत में पहली बार कार्बन बैंक की स्थापना
वित्त वर्ष 2024-25 में टाटा स्टील ने भारत का पहला ‘कार्बन बैंक’ लॉन्च किया. यह एक वर्चुअल प्लेटफॉर्म है जहां CO₂ का संग्रहण कर भविष्य में ग्राहकों को कम-कार्बन उत्पाद प्रदान किए जा सकेंगे. यह पहल भारत में अपनी तरह की पहली है.
हाइड्रोजन पाइप और बायोचार जैसी अनूठी पहलें
वर्ष 2025 में, टाटा स्टील भारत की पहली ऐसी इस्पात कंपनी बनी जिसने हाइड्रोजन के परिवहन हेतु स्टील पाइप की संपूर्ण तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया. साथ ही, यह उत्पादन प्रक्रिया में बायोचार का उपयोग करने वाली देश की पहली इस्पात कंपनी भी बनी, जिसका उद्देश्य कार्बन उत्सर्जन को कम करना है.
बायोफ्यूल आधारित आपूर्ति भी बनी उपलब्धि
2024 में, टाटा स्टील ने कच्चे माल की आपूर्ति के लिए B24 बायोफ्यूल पर पूर्ण क्षमता से परिचालन कर भारत की पहली स्टील कंपनी होने का गौरव प्राप्त किया. इससे इसके लॉजिस्टिक ऑपरेशनों में भी हरित पहल को बल मिला.

