
उदित वाणी, जमशेदपुर: टाटा मोटर्स में नये वित्तीय साल की शुरूआत ब्लॉक क्लोजर से शुरू करने को लेकर टेल्को वर्कर्स यूनियन के पूर्व नेताओं द्वारा डीएलसी को शिकायत करने के बाद टाटा मोटर्स प्रबंधन चौकस हो गया है.
बताया जा रहा है कि डीएलसी के पास पहुंची शिकायत के प्रबंधन दबाव में है और वह अब सोच समझकर ब्लॉक क्लोजर करने पर विचार कर रहा है ताकि कंपनी की बदनामी नहीं हो. उल्लेखनीय है कि 31 मार्च को खत्म हुई वित्तीय वर्ष 2022-23 की अंतिम तिमाही में कर्मचारियों से न केवल संडे को काम कराया गया बल्कि कर्मचारियों को रोककर एडवांस ड्यूटी करने पर मजबूर किया गया.
मगर नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही कंपनी ने इस माह की 3 तारिख को पहला क्लोजर ले लिया, जिसे लेकर कर्मचारियों के बीच गुस्सा रहा. पिछले वित्तीय वर्ष में प्रबंधन और यूनियन ने एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 54 क्लोजर लेने के लिए समझौता किया था.
पहले 18 क्लोजर लेना होता है, लेकिन उसके खत्म होने के बाद प्रबंधन और यूनियन ने 36 क्लोजर को लेकर साइन किया. फिर इसे बढ़ाकर 54 कर दिया गया. यानि एक साल में लगभग दो माह क्लोजर होता है. इसका असर यह होता है कि कर्मचारियों की छुटि्टयां खत्म हो जाती है. क्लोजर के दौरान का आधा वेतन प्रबंधन, कर्मचारियों के वेतन से समायोजित करता है जबकि आधा खुद वहन करता है.
उधर, बाई सिक्स कर्मचारियों को क्लोजर के दौरान कोई भी वेतन नहीं मिलता है.

