
उदित वाणी, जमशेदपुर : जमशेदपुर में टाटा कंपनी के विस्थापित रैयतों ने अपनी जमीनों की मालगुजारी नहीं कटने की समस्या को लेकर पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से मुलाकात कर समाधान की मांग की। रैयतों ने प्रशासन को बताया कि उनकी कई जमीनें टाटा लीज क्षेत्र से बाहर हैं, जिन पर उनका वैध कब्जा है और उनका खतियान भी झारखंड सरकार के ऑनलाइन भूमि अभिलेख पोर्टल में दर्ज है, बावजूद इसके अंचल कार्यालय द्वारा मालगुजारी नहीं काटी जा रही है।
बढ़ रही हैं कानूनी और प्रशासनिक दिक्कतें
रैयतों ने बताया कि मालगुजारी नहीं कटने के कारण उन्हें कई प्रकार की कानूनी और प्रशासनिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इससे भविष्य में भूमि विवाद की आशंका बढ़ गई है, वहीं सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और बैंकिंग प्रक्रियाओं में भी बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।
उपायुक्त ने दिए जांच के निर्देश
मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने कहा कि जब जमीन का खतियान ऑनलाइन दर्ज है, तो मालगुजारी की रसीद नहीं कटना गंभीर विषय है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया। साथ ही विस्थापित रैयतों को आश्वस्त किया कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव मदद करेगा।
समाधान की उम्मीद
रैयतों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या का समाधान करेगा, जिससे उन्हें अपने वैध अधिकारों के अनुरूप राहत मिल सके।
ये लोग रहे उपस्थित
मौके पर हरमोहन महतो, दीपक रंजीत, तपन पांडा, मधुसूदन माझी, समतुला सिंह भूमिज, राम सिंह भूमिज, युधिष्ठिर सिंह, आशीष कुमार गौड़, प्रहलाद गोप, अनीता रजक, कंचन रजक, जदोब सिंह भूमिज, तपन महतो, मनोज कुमार बंदरा, रामसिंह भूमिज समेत अन्य लोग उपस्थित थे।
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