
# यूनियन की हो रही किरकिरी, 31 मार्च के पहले ग्रेड होने के आसार
उदित वाणी, जमशेदपुर: सत्ता में आने के बाद बेहतर ग्रेड कराने का दावा करने वाली टाटा कमिंस कर्मचारी यूनियन की नई टीम की किरकिरी लगातार हो रही है. अब कंपनी के सामान्य कर्मचारियों ने ग्रेड होने तक प्रबंधन को पत्र लिए एक लाख रूपए अग्रिम राशि देने की गुहार लगाई है ताकि बच्चों के स्कूल फीस से लेकर दैनिक जरूरतों को पूरा किया जा सके.
एक साल से लंबित है ग्रेड
कर्मचारियों की ओर से कंपनी के एचआर मैनेजर को लिखे पत्र में कहा गया है कि ग्रेड के लंबित हुए एक साल हो गए. एक अप्रैल 2022 से ग्रेड लंबित है.
यूनियन की नई टीम आने के बाद लगा कि ग्रेड हो जाएगा, मगर अभी तक ग्रेड को लेकर कोई सूचना कर्मचारियों को नहीं दी गई है. ऐसे में प्रबंधन से अनुरोध है कि वह कर्मचारियों को एक लाख रूपए की अग्रिम राशि दें ताकि वे अपनी जरूरत को पूरा कर सके. बाद में ग्रेड समझौता होने पर वे इस राशि को समायोजित कर लें.
पत्र में यह भी लिखा है कि ग्रेड नहीं होने से कई कर्मचारियों ने कर्ज में पैसे ले रखे हैं. उनकी माली हालत बेहद खराब है. एक अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू हो जाएगा. ऐसे में अगर प्रबंधन अभी एडवांस राशि दे देती है तो कर्मचारियों पर टैक्स का अतिरिक्त भार कम पड़ेगा.
31 मार्च के पहले ग्रेड कराने की कोशिश
सूत्रों का कहना है कि कंपनी के आम कर्मचारियों के सीधे प्रबंधन से मिलने के बाद वर्तमान यूनियन सक्रिय हो गई है. बताया जाता है कि यूनियन के पदाधिकारी प्रबंधन से वार्ता कर ग्रेड कराने की कोशिश कर रहे हैं.
ग्रेड की अवधि बढ़ाने को लेकर समझौते में देरी हो रही है. प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि वह ग्रेड की अवधि को तीन साल की बजाय चार साल करेगा. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि 31 मार्च के पहले प्रबंधन अपनी शर्त्त पर ही ग्रेड समझौता करेगा.

