
उदित वाणी, जमशेदपुर : कभी नक्सलवाद की छाया में डूबा हुआ तमाड़ क्षेत्र आज विकास की नई मिसाल बन रहा है. जमशेदपुर-रांची हाइवे पर स्थित आईटीआई तमाड़ को रास्ते में आते-जाते कितनी बार देखा था, लेकिन हाल ही में इस संस्थान के अंदर जाकर शिक्षकों और छात्रों से मिलने का मौका मिला. टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा संचालित यह संस्थान आसपास के गांवों के युवाओं की जिंदगी बदल रहा है. कौशल प्रदान कर न केवल उन्हें रोजगार दे रहा है, बल्कि आत्मविश्वास से भरकर एक नई उम्मीद जगाता है.
आर्मी कैंप था
यह भवन कभी संयुक्त बिहार में पॉलिटेक्निक कॉलेज था. नक्सल प्रभाव बढ़ने पर इसे सेना के कैंप में बदल दिया गया. वर्षों तक बंद पड़ा यह परिसर 2012 में टाटा स्टील फाउंडेशन ने रिनोवेट कर आईटीआई का रूप दिया. झारखंड सरकार के साथ पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल में चल रहे इस संस्थान ने अब तक 12 बैच पासआउट कर दिए हैं. एक हजार से ज्यादा युवा यहां से ट्रेनिंग लेकर देश-विदेश में अच्छी नौकरियां कर रहे हैं.

34 छात्र हांगकांग में कर रहे काम
संस्थान के प्रिंसिपल विशाल आनंद बताते हैं कि इलेक्ट्रिशियन, फिटर, वेल्डर और टर्नर जैसे कोर्स यहां चलते हैं, जिनकी अवधि एक से दो साल तक होती है. सभी कोर्स एनसीवीटी से मान्यता प्राप्त हैं. प्लेसमेंट रेट 95 प्रतिशत से ज्यादा है. खास बात यह कि यहां से प्रशिक्षित 34 युवा हांगकांग में पौने दो लाख रुपये मासिक वेतन पर काम कर रहे हैं.
दाखिला दो स्तरों पर
दाखिला दो स्तर पर होता है – संस्थान की एंट्रेंस टेस्ट से 75 प्रतिशत और राज्य सरकार की सिफारिश से 25 प्रतिशत सीटें. संस्थान से सीधे दाखिला लेने वालों की फीस सालाना 26 हजार रुपये है, जबकि सरकार से आने वालों की सिर्फ 2 हजार. जो फीस नहीं दे पाते, उन्हें ई-कल्याण स्कॉलरशिप से मदद मिलती है. इस तरह कोई भी गरीब छात्र पढ़ाई से वंचित नहीं रहता.
85 फीसदी छात्र निचले तबके के
85 प्रतिशत से ज्यादा छात्र एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के हैं, जो तमाड़, बुंडू, खुंटी जैसे पिछड़े इलाकों से आते हैं. दूर के छात्रों के लिए हॉस्टल है, जहां कम खर्च में रहना-खाना मिलता है.
पंचायत बंधु कार्यक्रम
प्रिंसिपल बताते हैं कि पंचायत बंधु कार्यक्रम के तहत दो महीने का फ्री शॉर्ट कोर्स चलाया जाता है. इसमें ट्रेनिंग के बाद टूलकिट भी दी जाती है, ताकि गांव के युवा लोकल काम करके आजीविका चला सकें, लेकिन जागरूकता की कमी से कम लोग जुड़ पाते हैं.
भविष्य की योजना
भविष्य की योजना में इंडस्ट्रियल पेंटर कोर्स शुरू करने की तैयारी है, क्योंकि इंडस्ट्री में स्किल्ड पेंटर की भारी कमी है. नए समय के साथ नए कोर्स जोड़ने की कोशिश जारी है.
खूबसूरत पब्लिक आर्ट का नजारा
संस्थान का एक खूबसूरत पहलू है छात्रों द्वारा स्क्रैप से बनाई गई पब्लिक आर्ट. गिटार, भारत और झारखंड का नक्शा जैसी कलाकृतियां कैंपस को आकर्षक बनाती हैं. इंडस्ट्री की जरूरत पर वे कस्टम आइटम भी बनाते हैं. अत्याधुनिक सीएनसी मशीनें और कंपनियों के टाई-अप से संस्थान मजबूत हो रहा है.
नक्सल के गढ़ में कौशल की लहर
आईटीआई तमाड़ की यह कहानी बताती है कि सही दिशा में प्रयास से अंधेरा कैसे रोशनी में बदल सकता है. नक्सल के पुराने गढ़ में अब कौशल की लहर दौड़ रही है, जो युवाओं को सपने पूरे करने की ताकत दे रही है. टाटा स्टील फाउंडेशन और सरकार का यह प्रयास झारखंड के कई इलाकों के लिए मिसाल है.

