
उदित वाणी, जमशेदपुर : गोपाल मैदान बिष्टुपुर में चल रहा स्वदेशी मेला शनिवार को अपने पूरे परवान पर दिखा. वीकएंड होने के कारण शाम को मेले में काफी भीड़ रही. 16 अक्टूबर तक चलने वाले इस मेला में जरूरत की सारी चीजें उपलब्ध है. लेकिन मेला का सर्वाधिक आकर्षण हस्तशिल्पियों के हस्तशिल्प है, जो आधुनिक दौर में भी लोगों के आकर्षण के केन्द्र बने हुए हैं. स्वदेशी मेला में पहली बार मैक्रेमे के उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं, जो पहले दिन से ही लोगों के आकर्षण के केन्द्र बने हुए हैं.

301 नंबर स्टॉल पर प्रदर्शित मैक्रेमे के उत्पादों में की रिंग, दीवार पर लटकने वाली सजावट, कार चार्म्स, टेबल मैट, तोरण, बैग और घर में पौधे लटकाने वाले हैंगर की मांग काफी है. इस स्टॉल की नीता गुप्ता ने बताया कि सारे उत्पाद पूरी तरह से हाथ से बने हैं. 100 रूपए से लेकर 1500 रूपए तक के उत्पाद हैं. ये ऐसे उत्पाद हैं, जो आधुनिक घरों की खूबसूरती को बढ़ाता है. उन्होंने बताया कि स्वदेशी मेला में पहली बार मैक्रेमे के उत्पाद प्रदर्शित किए हैं.
आफगानी ड्राई फ्रूट्स से लेकर डिजाइनर जूती भी
मेला में छोटे हस्तशिल्पियों के साथ वाहनों के भी स्टॉल है. यही नहीं फर्नीचर और रियल एस्टेट के स्टॉल भी लगे हैं. मगर मैदान में बिखरी चीनी मिट्टी के उत्पादों की सुंगध खूब भा रही है. मेला में खादी, रेशम के साथ ही महिलाओं की डिजानर जूती भी काफी है. आफगानी ड्राई फ्रूट्स से लेकर चिप्स और आचार के आइटम मेला के स्वाद को और चटक बना रहे हैं. यही नहीं टाटा मोटर्स की कारें भी लोगों का आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है. जीएसटी में कमी के साथ ही फेस्टिव सीजन में मेला में भी टाटा मोटर्स की गाड़ियों की खरीद पर स्पेशल डिस्काउंट मिल रहा है.
मेला में पुस्तकें भी
स्वदेशी मेला में पुस्तकों के कई स्टॉल भी है, जो लोगों के आकर्षण के केन्द्र बने हुए है. 150 रूपए में दुनिया भर की बेस्ट सेलर्स पुस्तकें मिल रही है. जेम्स क्लियर की एटोमिक हैबिट से लेकर नोबेल प्राइज विनर की पुस्तकें भी हैं. हिन्दी में धर्मवीर भारती की पुस्तक गुनाहों के देवता की मांग काफी है.

