
उदित वाणी, जमशेदपुर : गिरिडीह की प्रतिष्ठित नाट्य संस्था कला संगम द्वारा आयोजित 25वें अखिल भारतीय बहुभाषी नाट्य एवं लोकनृत्य महोत्सव (29 जनवरी से 1 फरवरी 2026) में जमशेदपुर की सुप्रसिद्ध नाट्य संस्था पथ जमशेदपुर (पीपुल्स एसोसिएशन फॉर थिएटर) को अतिथि नाट्य दल के रूप में आमंत्रित किया गया. संस्था के निदेशक मोहम्मद निजाम ने प्रतियोगिता के निर्णायक की भूमिका निभाई.

देशभर में सशक्त और विचारोत्तेजक नाटकों के लिए प्रसिद्ध पथ ने 1 फरवरी को पुरस्कार वितरण से पूर्व व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई की चर्चित कृति ‘सुदामा के चावल’ का प्रभावशाली मंचन किया. सुदामा-कृष्ण प्रसंग के पुनर्पाठ के जरिए नाटक ने सत्ता, नौकरशाही और नैतिक पतन पर तीखा व्यंग्य किया. ‘दो मुट्ठी चावल’ की पारंपरिक कथा को भ्रष्ट तंत्र, ‘खुरचन’ संस्कृति, छवि-प्रबंधन और समझौतापरस्त नैतिकता के रूपक में पिरोया गया, जहां लालच, दिखावा और प्रशासनिक अमानवीयता उजागर हुई.
कलाकारों के सशक्त अभिनय ने दर्शकों को बांधे रखा. सुदामा बने सौरभ सुमन, सावित्री के रूप में प्रिय यादव, कृष्ण की भूमिका में रूपेश कुमार, द्वारपाल आशुतोष कुमार तथा राज चित्रकार राजकुमार दास ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया.

पार्श्व मंच आलोक का दायित्व खुर्शीद आलम ने निभाया, पार्श्व संगीत सत्यम सिंह ने दिया तथा मंच सज्जा विकास कर्मकार ने की. नाटक का निर्देशन मोहम्मद निजाम ने किया.
प्रस्तुति के अंत में दर्शकों की जोरदार तालियों ने इसकी सफलता प्रमाणित की. यह मंचन महोत्सव का प्रमुख आकर्षण साबित हुआ.

