
उदित वाणी, रांची: नई नियोजन नीति को लेकर राज्य के छात्रों-युवाओं ने हेमंत सरकार को 27 मार्च तक ठोस निर्णय लेने का अल्टीमेटम दिया है तथा 27 मार्च तक राज्य सरकार द्वारा नियोजन नीति को लेकर ठोस कदम नहीं उठाये जाने पर मुख्यमंत्री का महाघेराव कार्यक्रम समेत राज्य में आर्थिक नाकेबंदी करने की चेतावनी दी गई है.
ज्ञात हो कि 27 मार्च को हेमंत सरकार की कैबिनेट की बैठक आहूत किया गया है. झारखंड स्टेट स्टूडेंट्स यूनियन के प्रमुख देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि राज्य सरकार ने नियोजन नीति को लेकर जो निर्णय लिया है.
वह राज्य के युवाओं के हित में नहीं है. सरकार नई नियोजन नीति के माध्यम से 40 प्रतिशत सीटों पर राज्य के बाहर के युवाओं को यहां के युवाओं का हक मारने का निमंत्रण दे रही है. यह नहीं चलेगा. इसको लेकर राज्य के युवा काफी आक्रोशित हैं. उन्होंने अपील की है कि पूरे राज्य में नियोजन नीति का विरोध हो.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया जाय. विरोध मार्च व आक्रोश रैली जैसे कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 50 प्रतिशत व ईडब्ल्यूएस को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है. जबकि 40 प्रतिशत सीट अनारक्षित है. जिसपर राज्य में बवाल मचा है.
यही नहीं हेमंत सरकार राज्य में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कह रही है. लेकिन जिलावार जारी आरक्षण रोस्टर में कई त्रुटियां हैं. सरकार द्वारा जारी की गई जिलावार आरक्षण रोस्टर में कई जिलों में ओबीसी आरक्षण शून्य कर दिया गया है.
इधर नई नियोजन नीति के तहत जेएसएससी द्वारा निकाली गई नियुक्ति विज्ञप्ति में भी कई त्रुटियां हैं. छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि झारखंड स्टेट स्टूडेंट्स यूनियन के बैनर तले 23 मार्च को राज्य भर से आए हजारों की तादाद में युवाओं ने विधानसभा का घेराव किया था.
इसके लिए प्रशासन को पूर्व में ही सूचित भी किया गया था. युवाओं द्वारा संवैधानिक तरीके से शांतिपूर्ण आंदोलन किया जा रहा था. लेकिन इस सरकार ने हक मांगने गए निहत्थे छात्रों पर अंधाधूंध लाठियां बरसाई. आंसू गैस के गोले छोड़े. छात्रों पर झूठा एफआईआर किया गया. इसके अलावा आंदोलन करके लौट रहे युवाओं को पुलिस ने रास्ते में बिरसा चौक के पास भी दौड़ा-दौड़ा कर पीटा. जो बेहद निंदनीय घटना है.

