
उदित वाणी, जमशेदपुर : वरीय पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में तथा पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) की उपस्थिति में मंगलवार को एसएसपी कार्यालय के सभागृह में ग्रामीण क्षेत्र के सभी पुलिस उपाधीक्षक, अंचल निरीक्षक एवं थाना प्रभारी अधिकारियों के साथ मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया. बैठक में कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने तथा अपराध नियंत्रण को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए.
लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर जोर
बैठक में पूर्व से लंबित कांड, वारंट और कुर्की का शीघ्र निष्पादन करने पर विशेष बल दिया गया. साथ ही पासपोर्ट सत्यापन और चरित्र सत्यापन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई. वरीय पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया कि लंबित मामलों को समयबद्ध ढंग से निपटाया जाए ताकि न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके.

सी-सी-टी-एन-एस और प्रीवेंटिव पुलिसिंग की समीक्षा
अधिकारियों से सी-सी-टी-एन-एस पोर्टल के माध्यम से कांड निस्तारण और केस डिस्पोजल की स्थिति पर जानकारी ली गई. इसके अलावा प्रीवेंटिव पुलिसिंग, लंबित पॉक्सो केस और ई-साक्ष्य जैसे विषयों पर भी समीक्षा की गई.
गश्ती और विधि-व्यवस्था पर कड़ा निर्देश
वरीय पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया कि क्षेत्र में नियमित एवं सघन गश्ती की जाए ताकि असामाजिक तत्वों और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके. थाना स्तर पर विधि-व्यवस्था संधारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करने तथा जनता से बेहतर समन्वय बनाकर पुलिस की छवि को सुदृढ़ करने पर बल दिया गया.
लापरवाही बर्दाश्त नहीं
वरीय पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कहा कि प्रत्येक पुलिस अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को पूरी तत्परता से निभाएं. लंबित कांड, वारंट और कुर्की पर कार्रवाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

