
उदित वाणी, जमशेदपुर : राज्यभर के व्यवसायिक संगठनों के साथ सोमवार को आयोजित जीएसटी ग्रिवांस रिड्रेसल कमिटी की बैठक में सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ. इस दौरान प्रतिनिधियों ने जीएसटी व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और सुझावों का एक विस्तृत ज्ञापन चीफ सेंट्रल जीएसटी कमिश्नर प्रदीप सक्सेना को सौंपा.
इस बैठक में प्रिंसिपल सेन्ट्रल जीएसटी आयुक्त योगेश अग्रवाल, जमशेदपुर सेन्ट्रल जीएसटी आयुक्त बीके गुप्ता, ऑडिट आयुक्त धर्मजीत कुमार, अपील आयुक्त रवि सेल्वन, अपर आयुक्त सुबोध कुमार, स्टेट जीएसटी के अपर आयुक्त अवधेश मेहरा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.
मानद महासचिव मानव केडिया ने बैठक में सिंहभूम चेंबर की ओर से निम्नलिखित सुझाव रखे —
1. अपील में देरी के लिए लचीलापन आवश्यक
चेंबर ने मांग की कि प्रथम अपीलीय प्राधिकरण को तीन महीने से अधिक की देरी को माफ करने का अधिकार दिया जाए, विशेषकर जब करदाता किसी वास्तविक कठिनाई का सामना कर रहा हो.
2. अपीलीय प्राधिकरण की पहुंच बढ़ाई जाए
रांची में अपीलीय प्राधिकरण का केंद्रीकरण असुविधाजनक है. जमशेदपुर व बोकारो जैसे प्रमुख शहरों में इसकी स्थापना की जानी चाहिए.
3. झारखंड में जीएसटी ट्रिब्यूनल की त्वरित स्थापना
जीएसटी ट्रिब्यूनल के अभाव में करदाताओं को न्याय पाने के लिए अन्य राज्यों या हाईकोर्ट की ओर रुख करना पड़ता है. इससे समय और संसाधनों की भारी बर्बादी होती है.
उपाध्यक्ष वित्त एवं कराधान अधिवक्ता राजीव अग्रवाल के सुझाव
1. ब्याज दरों में असमानता से राहत मिले
GST में देर से भुगतान पर 18%–24% ब्याज जबकि रिफंड पर मात्र 6% ब्याज मिलता है, जो करदाताओं के लिए अनुचित है. प्रस्ताव दिया गया कि ब्याज दर अधिकतम 12% तक सीमित होनी चाहिए.
2. धारा 74 के अनुचित प्रयोग पर चिंता
अधिकारी बिना किसी धोखाधड़ी या जानकारी छिपाने के प्रमाण के धारा 74 के तहत नोटिस (DRC-01) जारी कर रहे हैं, जबकि ऐसे मामलों में धारा 73 का उपयोग अधिक उपयुक्त होगा.
सचिव अंशुल रिंगसिया के सुझाव
1. कम्पोजिशन डीलरों के लिए तकनीकी राहत
पुराने वर्षों के GSTR-4 रिटर्न दायर न करने की स्थिति में पोर्टल चालू वर्ष का रिटर्न स्वीकार नहीं कर रहा. ऐसे में लेट फीस को सीमित कर राहत दी जाए.
2. ई-इनवॉयस में संशोधन की सुविधा हो
वर्तमान में ई-इनवॉयस जनरेट करने के बाद उसमें संशोधन संभव नहीं है, जिससे करदाता को समस्याएं होती हैं. पोर्टल पर संशोधन की सुविधा शुरू की जाए.
3. एडवांस रूलिंग प्राधिकरण को पुनः सक्रिय करें
GST से जुड़ी अस्पष्टताओं के समाधान के लिए एडवांस रूलिंग प्राधिकरण को फिर से सक्रिय करने की मांग की गई.
चीफ कमिश्नर का आश्वासन
चीफ कमिश्नर प्रदीप सक्सेना ने सुझावों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि शीघ्र ही एक अलग बैठक कर इन समस्याओं पर ठोस निर्णय लिया जाएगा.
प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल रहे?
सिंहभूम चेंबर की ओर से मानद महासचिव मानव केडिया, उपाध्यक्ष अधिवक्ता राजीव अग्रवाल, सचिव अंशुल रिंगसिया प्रमुख रूप से उपस्थित थे. इनके अलावा झारखंड राज्य के अन्य संगठन जैसे फेडरेशन ऑफ झारखंड चैम्बर ऑफ कॉमर्स, एशिया, झारखंड स्मॉल इंडस्ट्री एसोसिएशन, कमर्शियल टैक्स बार एसोसिएशन और ICAI के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए.

