
उदित वाणी, जमशेदपुर : दक्षिण पूर्व रेलवे के वरिष्ठ लोको पायलट (ड्राइवर) और परसुडीह निवासी 59 वर्षीय निर्मल कुमार दास का गुरुवार को ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। वे टाटानगर में पदस्थापित थे और अपनी कर्तव्यनिष्ठा के लिए रेलवे में अलग पहचान रखते थे। गुरुवार को जनशताब्दी एक्सप्रेस में ड्यूटी पूरी करने के बाद जब वे लॉबी में साइन ऑफ करने जा रहे थे, तभी अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें असहज महसूस होने के साथ उल्टी शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ते देख सहकर्मियों ने तत्काल उन्हें खासमहल स्थित रेलवे अस्पताल पहुंचाया।
डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत देखते हुए पहले आदित्यपुर के मेडिट्रीना अस्पताल और फिर वहां से ब्रह्मानंद अस्पताल रेफर किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस अप्रत्याशित निधन से रेलवे विभाग और परिजनों में गहरा शोक है।
निर्मल दास मात्र तीन महीने बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे। रेलवे के सबसे अनुशासित और जिम्मेदार कर्मचारियों में उनकी गिनती होती थी। सहकर्मियों का कहना है कि वे हमेशा समय पर ड्यूटी करने और नियमों का पालन करने के लिए जाने जाते थे। उनके निधन की खबर मिलते ही रेलवे मेंस यूनियन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में सहकर्मी अस्पताल पहुंचे और शोकसंतप्त परिवार को सांत्वना दी।
इधर, कोलकाता में पढ़ाई कर रहे उनके इकलौते पुत्र सनातन दास भी सूचना पाकर तुरंत जमशेदपुर पहुंचे। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनके पिता पर काम का अत्यधिक दबाव था, जो उनकी तबीयत बिगड़ने का कारण बना।
रेलवे कर्मियों ने भी बताया कि लगातार ड्यूटी और तनावपूर्ण कार्यप्रणाली से कई बार लोको पायलट स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करते हैं। निर्मल दास का जाना न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे रेलवे समुदाय के लिए गहरी क्षति है। उनके निधन के बाद टाटानगर रेल मंडल में शोक का माहौल है और सभी ने उन्हें एक आदर्श कर्मचारी व परिवार के प्रति समर्पित व्यक्ति के रूप में याद किया।

