
उदित वाणी, रांची: ध्यानाकर्षण सूचना के जरिये जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने स्वास्थ्य विभाग में 4500-5000 तक वेतनमान वाले कर्मियों-पदाधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग एवं प्रतिनियुक्ति में कार्यपालिका नियमावली की अनदेखी करने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि विभागों को सिर्फ जून-जुलाई में ट्रांसफर-पोस्टिंग करने का अधिकार है और अन्य समय में ट्रांसफर-पोस्टिंग या प्रतिनियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री को अनुमोदन जरूरी है.
परन्तु स्वास्थ्य विभाग में बर्ष में कई बार असमय थोक के भाव तबादला किया गया और मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा संचिका मांगे जाने पर भी नहीं दी जा रही है. जबकि कार्यपालिका नियमावली की अनदेखी करते हुए स्थानांतरण में काफी अनियमितता बरती गई। उन्होंने सदन को बताया कि कार्यपालिका नियमावली की धारा तीन व चार का उल्लंघन किया गया है.
इसका जबाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि ट्रांसफर-पोस्टिंग में किसी तरह की कोई अनियमितता नहीं की गयी है. स्वास्थ्य विभाग ऐसा विभाग है.
जहां परिस्थिति के अनुसार आकस्मिक निर्णय लेना पड़ता है तथा बन्ना ने उल्टा आरोप लगाते हुए कहा कि आज जो सवाल सरयू राय हमसे कर रहे हैं. उन्होंने भी बतौर खाद्य आपूर्ति मंत्री रहते नियमावली का उल्लंघन करके तबादला किया था तथा उनके विभाग के पेपर भी हमारे पास है. जबकि बन्ना ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुमोदन लिया है.
इस पर सरयू राय ने कहा कि सदन में मुख्यमंत्री भी बैठे हैं वह चुनौती देते हैं कि अगर मुख्यमंत्री का अनुमोदन हो गया है तो बताएं. वहीं बन्ना के जबाब पर सरयू राय ने कहा कि मंत्रीजी की समझ कम है. उन्होंने कहा कि ट्रांसफर पोस्टिंग के लिए स्थापना समिति है.
उसका मार्गदर्शक सिद्धांत होता है. इन्होंने इसका पालन नहीं किया. अधिकारियों को मंत्री को कार्यपालिका नियमावली को जानकारी दी जानी चाहिए. इसके बाद स्पीकर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुख्यमंत्री के अनुमोदन के लिए संचिका भेज दी जायेगी.

