
उदित वाणी, जमशेदपुर : 18 फरवरी को 10 कैसर बंगलों, पारडी रोड, कदमा में आयोजित इस मिलन में विद्या तिवारी, डॉ. आशा गुप्ता, ज्योत्सना अस्थाना, सरिता सिंह, डॉ. संध्या सिन्हा, सुधा गोयल, ममता कर्ण, छाया प्रसाद, भारती कुमार, आलोक मंजरी, वंदना, डॉ. रागिनी भूषण और निशीथ सिन्हा ने अपनी रचनाएं सुनाईं. शहर के साहित्य प्रेमी इस महफिल को सजाने वाले बने.
“लालटेन” का लोकार्पण
डॉ. रागिनी भूषण, डॉ. जूही समर्पिता और संगीता सिन्हा ने निशीथ सिन्हा की पुस्तक “लालटेन” का विमोचन किया. यह 21 कविताओं का संग्रह आत्मबोध और जीवन अनुभवों पर केंद्रित है, जो लेखक के माता-पिता को समर्पित है. निशीथ ने बताया कि पुस्तक का नाम मां की स्मृति में रखा गया, जो बिजली के अभाव में लालटेन जलाकर उन्हें पढ़ने की प्रेरणा देती थीं.
लेखक का परिचय
टाटा स्टील के कॉर्पोरेट सर्विसेज में हेड निशीथ सिन्हा के पूर्व संग्रह “दिल जो भी कहेगा” और “छोटी सी आशा” प्रकाशित हो चुके हैं. “लालटेन” अमेजन पर उपलब्ध है. डॉ. रागिनी भूषण ने पुस्तक की सराहना की, जबकि धन्यवाद डॉ. जूही समर्पिता ने किया.
