
उदित वाणी, जमशेदपुर : समाहरणालय सभागार, जमशेदपुर में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार संबंधी समीक्षा बैठक आयोजित हुई. बैठक में म्यूटेशन, भूमि सीमांकन, ऑनलाइन लगान, आरसीएमएस प्रविष्टि, परिशोधन, भूमि विवाद समाधान दिवस और सीओ मुलाकात कार्यक्रम से जुड़ी प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई.
अपर उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी घाटशिला, एलआरडीसी घाटशिला तथा सभी अंचल अधिकारी बैठक में उपस्थित थे.
म्यूटेशन मामलों में गति लाने का निर्देश
बैठक में बताया गया कि जनवरी माह से अब तक म्यूटेशन के कुल 9300 आवेदनों में 4456 का निष्पादन (47.91%) हुआ है, जबकि 1686 मामले (18.13%) लंबित हैं. इस अवधि में 3158 मामलों को निरस्त (33.96%) किया गया.
मुसाबनी (71.82%), पोटका (70.07%) और गुड़ाबांदा (70.00%) क्षेत्रों में सर्वाधिक निष्पादन दर्ज हुआ है. वहीं गोलमुरी (34.27%), डुमरिया (35.90%) और मानगो (30.70%) में अपेक्षाकृत कम प्रगति दर्ज की गई.
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि बिना आपत्ति वाले मामलों का निपटारा निर्धारित समयसीमा के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए. यदि किसी आवेदन को अस्वीकृत किया जा रहा है, तो कारण स्पष्ट रूप से दर्ज हो.
सुओ-मोटो और परिशोधन मामलों की समीक्षा
सुओ-मोटो म्यूटेशन में 5751 आवेदनों में से 2794 का निष्पादन और 1905 आवेदनों को अस्वीकृत किया गया. परिशोधन पोर्टल पर आए 9835 में से 5562 मामलों को निष्पादित किया गया. उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आवेदकों को दस्तावेजीकरण के संबंध में गाइड किया जाए और चेकलिस्ट साझा हो, जिससे उन्हें अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें.
भूमि विवाद और सीमांकन पर सख्त रुख
राजस्व वाद प्रबंधन प्रणाली (RCMS) की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने लंबित वादों की नियमित निगरानी और पोर्टल पर अद्यतन आंकड़ा सुनिश्चित करने को कहा. सीमांकन कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा करने पर बल दिया, ताकि विवाद शीघ्र समाप्त हो सकें.
ऑनलाइन लगान भुगतान में पारदर्शिता
ऑनलाइन लगान प्रगति की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक भू-स्वामियों को डिजिटल भुगतान के लिए प्रेरित करें. त्रुटियों की वजह से लगान रसीद न कटने की समस्या को अंचल स्तर पर तत्काल सुलझाने का निर्देश दिया गया.
विकास योजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने पर बल
बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा भूमि अधियाचना से जुड़े प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने कहा कि सभी प्रस्तावों की विधिसम्मत जांच कर शीघ्र कार्रवाई की जाए. विशेषकर स्कूल, कॉलेज व आंगनबाड़ी केंद्र जैसी जनोपयोगी योजनाओं में भूमि अधियाचना को प्राथमिकता दी जाए और जल्द से जल्द भूमि उपलब्ध कराई जाए.

