
उदित वाणी, चांडिल : एक ओर जहाँ मंगलवार को विधानसभा में जंगली हाथियों का मामला गूंज रहा था, वहीं उसी समय चांडिल वन क्षेत्र के रसूनिया गाँव में हाथी का उत्पात जारी रहा. बताया जाता है कि झुंड से बिछड़ा एक जंगली हाथी सुबह चांडिल डैम की ओर से होते हुए पियालडीह, हाथीनादा और अंततः रसूनिया पहुँच गया.
दिनदहाड़े गाँव की सड़कों पर हाथी के घूमने से दहशत फैल गई और ग्रामीण घरों में दुबक गए. ग्रामीणों ने उसे जंगल की ओर भगाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके. शाम को सूचना पाकर वन विभाग की ‘हाथी भगाओ दस्ता’ टीम मौके पर पहुँची और हाथी को खदेड़ने का प्रयास किया. इस दौरान हाथी रसूनिया निवासी किश्टो माँझी के मकई खेत में जा घुसा, हालांकि बड़ा नुकसान होने से बच गया.
इधर, विधानसभा के मानसून सत्र में ईचागढ़ की विधायक सविता महतो ने इलाके में हाथियों से बढ़ते आतंक का मुद्दा जोर-शोर से उठाया. उन्होंने कहा कि ईचागढ़ विधानसभा के सभी प्रखंड हाथियों से प्रभावित हैं, जहाँ आए दिन फसल, मकान और जान-माल की क्षति हो रही है. चांडिल डैम निर्माण से विस्थापित डूब क्षेत्र में हाथियों की गतिविधि बढ़ी है, लेकिन पीड़ितों को अब तक समुचित मुआवजा नहीं मिल सका है.
सरकार की ओर से जवाब में माना गया कि वर्तमान में मुआवजा बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. हालांकि, वन विभाग ने बताया कि हाथियों से बचाव को लेकर त्वरित कार्य दल (QRT), चार वॉच टॉवर और एफएम रेडियो प्रसारण के माध्यम से ग्रामीणों को आगाह करने जैसे उपाय किए जा रहे हैं.

