
उदित वाणी, जमशेदपुर : दलमा वन्यजीव अभयारण्य में दुर्लभ मांसाहारी पौधों की पहचान होने से वन विभाग और शोधकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है. हाथियों के सुरक्षित आवास के रूप में विख्यात दलमा अब जैव विविधता के लिहाज से और भी महत्वपूर्ण साबित हो रहा है.
पटमदा क्षेत्र में ड्रोसेरा बर्मानी (Drosera burmannii) नामक मांसाहारी पौधे की पहचान की गई है, जबकि बालीगुमा और कोंकादाशा क्षेत्रों में यूटिकुलेरिया (Utricularia) प्रजाति भी पाई गई. ये पौधे कीटों और सूक्ष्म जीवों को फंसाकर अपना पोषण प्राप्त करते हैं, जो पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
फॉरेस्ट गार्ड सह शोधार्थी राजा घोष ने बताया कि इन पौधों की जानकारी वरीय अधिकारियों को दे दी गई है. इनके संरक्षण के लिए संबंधित क्षेत्रों में मानव प्रवेश को नियंत्रित किया जाएगा. वन विभाग का कहना है कि यह खोज दलमा के प्राकृतिक आवास की समृद्धि और बेहतर संरक्षण प्रयासों का प्रमाण है.

