
उदित वाणी, रांची: आर्मी जमीन समेत कई भूमि घोटाले के तहत बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा करने के मामले में गिरफतार रांची के पूर्व डीसी छवि रंजन बिरसा मुण्डा केन्द्रीय कारा [होटवार जेल] भेजे गए.
इससे पूर्व ईडी द्वारा छवि रंजन को बिशेष अदालत में पेश किया गया और पूछताछ के लिए 10 दिनों की रिमांड मांगी गई. परन्तु शुक्रवार को पेशी की औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद ईडी के बिशेष न्यायाधीश दिनेश राय की अदालत द्वारा छवि रंजन को एक दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया और अदालत ने शनिवार को ईडी रिमांड के बिन्दु पर सुनवाई की तिथि तय कर दी.
अब छवि रंजन को शनिवार को फिर से बिशेष अदालत के समक्ष पेश किया जायेगा और रिमांड के बिन्दु पर सुनवाई होगी. ज्ञात हो कि आर्मी जमीन घोटाला समेत कई जमीन घोटाला मामले में गुरूवार को 10 घंटे तक पूछताछ करने के बाद रात लगभग 10 बजे ईडी द्वारा छवि रंजन को गिरफ्तार किया गया था.
बताया गया है कि फिलवक्त छवि को मूल रूप से रांची के बरियातु थाना में दर्ज कांड संख्या 141/2022 के मामले में गिरफतार किया गया है. यह मामला रांची नगर निगम के टैक्स कलेक्टर दिलीप शर्मा द्वारा प्रदीप बागची नामक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज कराया गया है.
बागची ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर दो-दो होल्डिंग नम्बर ले रखा था और उक्त होडिंग नम्बर के आधार पर ही बागची ने सेना के कब्जेवाली 4.55 एकड़ जमीन को जगतबंधू टी स्टेट के संचालक दिलीप घोष को बेच दी थी. जबकि नगर निगम द्वारा तत्कालीन रांची के आयुक्त नितिन मदन कुलकर्णी के रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करायी गई थी.
रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि फर्जी नाम व पता के आधार पर आर्मी की जमीन पर कब्जा किया गया. ईडी द्वारा इसी प्राथमिकी को ईसीआर के रूप में दर्ज करके जांच शुरू की गई है.
इधर ईडी की जांच में कई सनसनीखेज खुलासा हुआ है. रांची डीसी के पद पर रहते हुए छवि रंजन ने पद का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग करके भूमाफियाओं को लाभ पहुंचाया है. बताया गया है कि चर्चित प्रेम प्रकाश के माध्यम से भी एक भूखंड को प्रतिबंधित सूची से हटाने के लिए एक करोड़ रुपये लिया गया था.
जांच में यह भी पता चला है आईएएस छवि रंजन ने मौखिक रूप से अंचल अधिकारी मनोज कुमार को बिष्णु अग्रवाल व उनकी पत्नी अनुश्री अग्रवाल के नाम चेशायर होम रोड पर एक एकड़ के एक पार्सल का नामांतरण करने के लिए भी कहा था.
जबकि यह मामला अंचल कार्यालय के पास लंबित था. इसके अलावा भी कई जमीनों में फर्जीवाड़ा करने के साक्ष्य र्डडी को मिला है. इधर रांची के बड़े कारोबारी बिष्णु अग्रवाल से ईडी 8 मई को पूछताछ करेगी. प्राप्त जानकारी के अनुसार ईडी द्वारा बिष्णु अग्रवाल केे साथ भी आमने-सामने बैठाकर छवि रंजन से पूछताछ की जायेगी.
वहीं ईडी ने पत्र के माध्यम से आईएएस अधिकारी छवि रंजन को गिरफतार करने की सुचना राज्य सरकार के मुख्यसचिव को भी दे दी गई है और राज्य सरकार द्वारा कभी भी दवि रंजन को निलंबित किया जा सकता है.

