
उदित वाणी, जमशेदपुर : ऑल इंडिया रेलवे ट्रैक मेंटेनर यूनियन ने रेलवे कर्मचारियों के लिए उत्पादकता आधारित बोनस (पीएलबी) को 7वें वेतन आयोग के आधार पर ₹46,176 देने की मांग करते हुए एक महत्वपूर्ण मांग पत्र रेलवे बोर्ड को सौंपा है। यूनियन ने स्पष्ट किया कि मौजूदा समय में पीएलबी का भुगतान अब भी 6वें वेतन आयोग के तहत ₹7,000 मूल वेतन मानकर किया जा रहा है, जोकि पूरी तरह अनुचित है।
यूनियन का कहना है कि 13 नवम्बर 1979 को स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह सरकार ने 85 दिनों के बोनस को मान्यता दी थी, और तब से यह परंपरा चली आ रही है। 2006 में 6वां वेतन आयोग लागू हुआ और तब से ₹7,000 के आधार पर बोनस ₹17,951 तक सीमित रहा। हालांकि 2016 से 7वां वेतन आयोग लागू है, जिसमें न्यूनतम वेतन ₹18,000 निर्धारित किया गया है, परंतु बोनस की गणना अब तक पुराने पैमाने पर हो रही है।
संघ का दावा है कि यदि 7वें वेतन आयोग के अनुसार 78 दिनों के लिए ₹592 प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान हो, तो कुल बोनस ₹46,176 बनता है, जो वास्तविकता और न्यायोचित मानकों पर आधारित है।
रेलवे ट्रैक मेंटेनर यूनियन ने मांग की है कि कर्मचारियों के साथ हो रहे इस अन्याय को समाप्त किया जाए और शीघ्र ही 7वें वेतन आयोग के अनुरूप पीएलबी बोनस भुगतान की स्वीकृति प्रदान की जाए। यूनियन का यह कदम लाखों रेलवे कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को बल प्रदान करता है।

