
उदित वाणी जमशेदपुर : रेलवे कर्मचारियों के परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। अब यूएमआईडी कार्ड नहीं होने की स्थिति में भी रेलवे कर्मचारियों के नवजात शिशुओं का इलाज कराया जा सकेगा। इस संबंध में हाल ही में रेलवे बोर्ड में आयोजित बैठक में एसोसिएशन और फेडरेशन के नेताओं ने महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया था।
बैठक के दौरान प्रतिनिधियों ने बताया कि कई बार नवजात शिशुओं के लिए यूएमआईडी कार्ड तुरंत उपलब्ध नहीं हो पाता है, जिसके कारण रेलवे अस्पतालों में उनके इलाज में परेशानी होती है। कार्ड के अभाव में चिकित्सा लाभ मिलने में देरी होती है और कर्मचारियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
इस समस्या को देखते हुए नेताओं ने सुझाव दिया कि अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) में नवजात शिशुओं का नाम तत्काल जोड़ने का प्रावधान किया जाए। इससे बिना यूएमआईडी कार्ड के भी शिशुओं का इलाज संभव हो सकेगा और परिवारों को तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल पाएगी।
बैठक में इस मांग को गंभीरता से लेते हुए नवजात शिशुओं के इलाज को आसान बनाने के लिए एचएमआईएस प्रणाली में कर्मचारियों के बच्चों को अस्थायी रूप से जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया। इससे जन्म के तुरंत बाद आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
रेलवे कर्मचारियों के संगठनों का कहना है कि इस व्यवस्था से नवजात शिशुओं के इलाज में आने वाली बाधाएं दूर होंगी और कर्मचारियों को राहत मिलेगी। साथ ही, आपात स्थिति में शिशुओं को समय पर इलाज मिल सकेगा, जो उनके स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।
