
उदित वाणी, रांची: मोदी उपनाम पर विवादित बयान देने के मामले में सूरत की एक अदालत द्वारा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाये जाने पर राज्य विधानसभा में कांग्रेसियों ने जमकर बवाल काटा और सदन की कार्यवाही बाधित की.
शून्यकाल के ठीक पहले विधायक प्रदीप यादव ने सदन को राहुल को सजा होने की सूचना दी और कहा कि लोकतंत्र में भाजपा के इशारे पर बोलने की स्वतंत्रता का गला घोंटा जा रहा है. उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा राहुल गांधी को फंसाया गया है. इसके बाद सत्तापक्ष के विधायक वेल में आकर हंगामा व नारेबाजी करने लगे.
इस मुद्ये पर सदन में सहयोगी पार्टी झाामुमो विधायकों ने भी कांग्रेस का साथ दिया. सत्तापक्ष के वेल में आने पर विपक्षी भाजपा विधायकों ने भी वेल में जाकर हंगामा व नारेबाजी शुरू की.
सत्ता व विपक्ष विधायकों का हंगामा इतना बढ़ गया कि स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो को सदन की कार्यवाही स्थगित करना पड़ा. वहीं भोजनावकाश के बाद भी पक्ष व विपक्ष के बीच हंगामा जारी रहा. जबकि हंगामे के बीच राज्य सरकार ने छह विधेयकों को वापस लिया तथा एक विधेयक इटकी ट्यूबरोकुलोसिस सेनेटोरियम [रेगुलेशन ऑफ बिल्डिंग] [संशोधन] विधेयक 2023 विधानसभा से पारित कराया.
इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नियोजन नीति पर वक्तव्य दिया और स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो ने समापन वक्तव्य देते हुए सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया.
इन विधेयकों को लिया गया वापस
# औद्योगिक विवाद [झारखंड संशोधन] विधेयक 2018
# झारखंड ठेका मजदूर विनियम एवं उन्मूलन [झारखंड संशोधन] विधेयक 2015
# बिहार औद्योगिक राष्ट्रीय एवं उत्सव अवकाश और आकस्मिक छुट्टी झारखंड संशोधन विधेयक 2015
# झारखंड दुकान एवं प्रतिष्ठान [संशोधन] विधेयक 2018
# झारखंड श्रम विधियां [संशोधन] एवं प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम विधेयक 2018
# कारखाना [झारखंड संशोधन] विधेयक 2019

